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MP में सरकारी शिक्षक बनना हुआ आसान! अब दो की जगह देनी होगी सिर्फ एक परीक्षा; मोहन यादव सरकार ने युवाओं को दिया बड़ा तोहफा

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भोपाल : मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में टीचर बनने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए खुशखबरी है. राज्य स्कूल शिक्षा विभाग ने अलग-अलग दो परीक्षाओं की जगह अब केवल शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के आधार पर भर्ती करने का प्रस्ताव तैयार किया है. इस संबंध में मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ECB) को प्रस्ताव भी भेजा जा रहा है.

टीईटी के आधार पर होगी शिक्षकों की भर्ती

स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मध्यप्रदेश में सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने की प्रक्रिया जल्द ही आसान हो सकती है. राज्य स्कूल शिक्षा विभाग ने भर्ती प्रणाली में बदलाव का निर्णय लिया है. प्रस्ताव के अनुसार अब अलग-अलग पात्रता और चयन परीक्षा कराने के बजाय केवल शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के आधार पर ही भर्ती की जाएगी.

इसलिए किया गया व्यवस्था में बदलाव

अब तक प्रदेश में प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षकों की भर्ती के लिए दो चरणों की प्रक्रिया अपनाई जाती थी. पहले अभ्यर्थियों को पात्रता परीक्षा पास करनी होती थी, उसके बाद चयन परीक्षा देनी पड़ती थी. वहीं चयन परीक्षा में सफल होने पर ही शिक्षक के रूप में नियुक्ति मिलती थी. इस व्यवस्था के कारण उम्मीदवारों को दो बार आवेदन करना पड़ता था और अलग-अलग परीक्षाओं की तैयारी करनी पड़ती थी.

सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को भी मिलेगा लाभ

नई व्यवस्था के अनुसार केवल पात्रता परीक्षा आयोजित की जाएगी और उसी के स्कोर के आधार पर मेरिट सूची तैयार कर भर्ती की जाएगी. पात्रता परीक्षा के अंक आजीवन वैध रहेंगे, हालांकि अभ्यर्थियों को अपने अंक सुधारने के लिए दोबारा परीक्षा देने का अवसर भी मिलेगा. अधिकारियों का कहना है कि इस बदलाव से अभ्यर्थियों पर आर्थिक बोझ भी कम होगा. अभी सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों को पात्रता परीक्षा के लिए 500 रुपये और चयन परीक्षा के लिए अलग से 500 रुपये शुल्क देना पड़ता था.

प्रदेश के 1,895 सरकारी स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं

प्रदेश में शिक्षकों की भारी कमी भी इस बदलाव की बड़ी वजह मानी जा रही है. नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट के अनुसार मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के करीब एक लाख पद खाली हैं. 1,895 स्कूल ऐसे हैं, जहां कोई शिक्षक नहीं है, जबकि 29,116 स्कूलों में केवल एक या दो शिक्षक ही कार्यरत हैं. स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव संजय गोयल का कहना है “विभाग इस वर्ष करीब 30 हजार पदों पर भर्ती की तैयारी कर रहा है. इनमें प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों के लगभग 5 हजार पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जुलाई-अगस्त में शुरू होने की संभावना है.”

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