बिहार के भागलपुर जिले से दिल दहला देने वाली एक घटना सामने आई है. यहां कहलगांव अनुमंडल के घोघा थाना क्षेत्र स्थित आमापुर दियारा में एक अज्ञात युवक की नृशंस हत्या कर दी गई. अपराधियों ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए शव को पांच हिस्सों में काट डाला और अलग-अलग जगहों पर फेंक दिया. सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि पुलिस को अब तक मृतक का सिर बरामद नहीं हुआ है.
शनिवार को जब ग्रामीण आमापुर दियारा के खेतों की तरफ गए, तो वहां का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. मकई के खेतों और आसपास के इलाके में मानव शरीर के अंग बिखरे पड़े थे. सूचना मिलते ही घोघा थानाध्यक्ष अजीत कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे.
तलाशी के दौरान पुलिस को शव के चार हिस्से मकई के खेत और झाड़ियों में मिले, जबकि शरीर का एक हिस्सा करीब 50 मीटर दूर पानी से भरे जलाशय में तैरता हुआ पाया गया. पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद सभी हिस्सों को एकत्र किया, लेकिन काफी खोजबीन के बाद भी युवक का सिर नहीं मिल सका.
हाथ की घड़ी बनी पहचान की उम्मीद
मृतक की उम्र करीब 20 वर्ष बताई जा रही है. शिनाख्त न हो सके, शायद इसीलिए अपराधियों ने सिर को कहीं और ठिकाने लगा दिया है. हालांकि, घटनास्थल से बरामद एक हाथ की कलाई में घड़ी बंधी मिली है. पुलिस को उम्मीद है कि इस घड़ी और युवक के कपड़ों के आधार पर उसकी पहचान हो सकेगी.
फॉरेंसिक और डॉग स्क्वॉड की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए भागलपुर से फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड को मौके पर बुलाया गया. फॉरेंसिक विशेषज्ञों की शुरुआती जांच के अनुसार, युवक की हत्या करीब तीन दिन पहले किसी धारदार हथियार से की गई है. हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव के टुकड़े किए गए.
पुलिस की चुनौती: कौन है वो युवक?
घोघा थानाध्यक्ष अजीत कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह सुनियोजित हत्या का मामला है. सिर बरामद न होने के कारण फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो पाई है. पुलिस आसपास के थानों में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्ट खंगाल रही है. शव के अंगों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और इलाके में सघन तलाशी अभियान जारी है. इस हत्याकांड ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है. दियारा क्षेत्र में इस तरह की वारदात से सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवालिया निशान खड़े हो गए हैं.
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