झारखंड: पलामू में मॉब लिंचिंग की कोशिश नाकाम, बच्चा चोर समझकर बुजुर्ग को पीटने की कोशिश; पुलिस ने किया रेस्क्यू
पलामू: झारखंड के पलामू जिले के पांडू थाना क्षेत्र के बंदला गांव में ग्रामीणों ने एक बुजुर्ग व्यक्ति को बच्चा चोर समझकर घेर लिया. सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बुजुर्ग का रेस्क्यू किया और उन्हें सुरक्षित उनके परिजनों के हवाले कर दिया. बुजुर्ग की पहचान बिहार के गया जिले के टेकारी प्रखंड के मऊ गांव (सेवरा के निकट) निवासी चेतु मांझी के रूप में हुई है. पुलिस जांच में पता चला कि वे मानसिक रूप से कमजोर हैं और पिछले 20 दिनों से लापता चल रहे थे. भटकते हुए वे पलामू के पांडू इलाके में पहुंच गए थे.
बंदला क्षेत्र में एक अज्ञात व्यक्ति को देखकर ग्रामीणों में संदेह हुआ. बुजुर्ग अपना नाम-पता स्पष्ट रूप से नहीं बता पा रहे थे, जिसके चलते ग्रामीणों ने उन्हें बच्चा चोर समझकर घेर लिया. कुछ ग्रामीणों ने तुरंत पांडू थाने को सूचना दी. पांडू थाना की टीम मौके पर पहुंची. स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मदद से ग्रामीणों को समझा-बुझाकर स्थिति संभाली गई. बुजुर्ग को थाने लाया गया, जहां उन्होंने अपना नाम चेतु मांझी और पता बिहार के गया जिले के सेवरा गांव बताया.
पलामू पुलिस ने गया जिले की पुलिस से संपर्क किया. जांच में पुष्टि हुई कि चेतु मांझी मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं और 20 दिनों से परिवार से अलग थे. परिजनों से संपर्क करने पर वे पलामू पहुंचे और बुजुर्ग को सौंप दिया गया.
एसपी का बयान
पलामू के एसपी रीष्मा रमेशन ने बताया कि बुजुर्ग व्यक्ति भटककर पलामू पहुंच गए थे. ग्रामीणों ने उन्हें बच्चा चोर समझकर घेर लिया था. पुलिस ने नाम-पता का सत्यापन किया और उन्हें सुरक्षित परिजनों को सौंप दिया.
पुलिस की अपील
पलामू पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि बच्चा चोर की अफवाहों पर यकीन करने से पहले पुलिस को सूचित करें. किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत थाने में दें. पुलिस ने कहा कि ग्रामीण सहयोग कर रहे हैं और सूचनाएं उपलब्ध करवा रहे हैं, जिससे ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है.
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