डिजिटल स्ट्राइक! पाकिस्तान से रची गई ईरान-इजरायल जंग की झूठी कहानी; हैक किए गए अकाउंट्स से फैलाया जा रहा है ‘फेक’ वार फुटेज
US Israel Iran War: इजराइल, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध से जहां एक ओर तनाव बना हुआ है तो वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर पाकिस्तान से एक साजिश रची जा रही थी. हाल ही में X के प्रोडक्ट हेड Nikita Bier ने इस बात का खुलासा किया है कि पाकिस्तान में एक यूजर की पहचान की गई है जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बने वीडियो फैलाने के लिए अलग-अलग अकाउंट्स का इस्तेमाल कर रहा था.
पाकिस्तानी यूजर एआई की मदद से युद्ध से जुड़े वीडियो को इन अकाउंट्स से पोस्ट कर रहा था. इसके लिए इस शख्स ने 31 अकाउंट्स को हैक किया और फिर ईरान के पक्ष में कंटेंट डालने के लिए फेक एआई वीडियो को पोस्ट किया.
Nikita Bier ने X पर इस बात की जानकारी दी कि कल रात, हमें पाकिस्तान में एक आदमी मिला जो AI वॉर वीडियो पोस्ट करने के लिए 31 अकाउंट्स को मैनेज कर रहा था. सभी हैक कर लिए गए थे और 27 फरवरी को यूजरनेम बदलकर ईरान वॉर मॉनिटर या उससे मिलते-जुलते नाम कर दिए गए थे.

X की प्रोडक्ट हेड का कहना है कि टीम ऐसे यूजर्स का पता लगाने में तेजी से काम कर रही है और आगे बढ़ रही है. जब उनसे पूछा गया कि क्या कोई इन अकाउंट्स को AI से चलने वाला प्रोपेगैंडा चलाने के लिए पैसे दे रहा था, तो बियर ने बताया कि ये वो लोग हैं जो जल्दी पेमेंट कमाना चाहते हैं.
सस्पेंड हो जाएंगे क्रिएटर्स
युद्ध शुरू होने के बाद, एक्स की प्रोडक्ट हेड ने बताया कि जो यूजर्स AI की मदद से यु्द्ध से जुड़े वीडियो पोस्ट करते हैं, बिना यह बताए कि फुटेज AI से बनाया गया था, उन्हें प्लेटफॉर्म के क्रिएटर रेवेन्यू शेयरिंग प्रोग्राम से सस्पेंड कर दिया जाएगा. क्रिएटर रेवेन्यू शेयरिंग एलिजिबल यूजर्स को X पर पैसे कमाने की सुविधा देता है. एलिजिबिलिटी पाने के लिए, यूजर्स की अच्छी-खासी रीच होनी चाहिए.
युद्ध के समय, यह बहुत जरूरी है कि लोगों को जमीन से जुड़ी सही जानकारी मिले लेकिन आज की AI टेक्नोलॉजी के साथ, ऐसा कंटेंट बनाना आसान हो गया है जो लोगों को गुमराह कर सके. अगर कोई यूजर दूसरी बार AI पॉलिसी का उल्लंघन करता है, तो उसे रेवेन्यू कमाने से हमेशा के लिए सस्पेंड कर दिया जाएगा.
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