रांची में नगर निगम की ताबड़तोड़ कार्रवाई! स्वच्छ सर्वेक्षण को लेकर चौतरफा अभियान तेज, गंदगी पर गिरेगी गाज
रांची: स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 को ध्यान में रखते हुए रांची नगर निगम ने शहर में व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया है. बुधवार से शुरू हुई यह कार्रवाई बृहस्पतिवार सुबह को भी दिखी, निगम के वरीय अधिकारी खुद सड़कों पर उतरे और विभिन्न इलाकों में स्वच्छता व प्रशासनिक व्यवस्थाओं की स्थिति का जायजा लिया. अभियान के दौरान अलग-अलग श्रेणियों में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कुल 3 लाख 95 हजार 100 रुपये का जुर्माना लगाया गया.
प्रतिष्ठानों, फुटपाथों और सार्वजनिक स्थलों पर भी कड़ी निगरानी
इस विशेष ड्राइव का नेतृत्व अपर प्रशासक संजय कुमार ने किया. उनके साथ निगम के अन्य पदाधिकारी और संबंधित शाखाओं की टीमें भी मौजूद रहीं. शहीद चौक, अपर बाजार, पुरुलिया रोड (सदर अस्पताल क्षेत्र), डेली मार्केट से मेन रोड, नागा बाबा वेजिटेबल मार्केट से रातू रोड तथा अरगोड़ा से सहजानंद चौक होते हुए बाईपास रोड तक कई प्रमुख स्थानों पर जांच की गई. व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, फुटपाथों और सार्वजनिक स्थलों की स्थिति को बारीकी से परखा गया.
पूरे शहर की स्वच्छता से सकारात्मक प्रभाव
नगर निगम ने शहर की 10 प्रमुख सड़कों को व्यवस्थित और अतिक्रमण मुक्त रखने के लिए डेडिकेटेड रोड मैनेजमेंट टीम (डीआरएमटी) का गठन किया है. प्रत्येक सड़क की निगरानी के लिए एक वरीय पदाधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है. ये अधिकारी अपनी टीम के साथ नियमित निरीक्षण करेंगे और शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे. निगम का मानना है कि मुख्य मार्गों की स्थिति सुधरने से पूरे शहर की स्वच्छता रैंकिंग पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा.
निरीक्षण के दौरान कई प्रकार की अनियमितताएं सामने आई हैं. फुटपाथों और सड़कों पर अतिक्रमण के मामले पाए गए, जिन पर 1,09,900 रुपये का जुर्माना लगाया गया. बिना अनुमति लगाए गए होर्डिंग, बैनर और विज्ञापन बोर्ड के खिलाफ भी कार्रवाई की गई, जिसमें 1,27,000 रुपये का दंड वसूला गया. कई दुकानों और प्रतिष्ठानों में डस्टबिन नहीं मिलने पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया. ट्रेड लाइसेंस से जुड़े उल्लंघनों में भी 50,000 रुपये की वसूली की गई.
जुर्माना भी लगाया गया
इसके अलावा निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट (सीएंडडी वेस्ट) के अनुचित निस्तारण पर 17,500 रुपये, सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने पर 36,900 रुपये, सिंगल-यूज प्लास्टिक के उपयोग पर 2,700 रुपये, नो पार्किंग नियम तोड़ने पर 1,000 रुपये तथा खुले में पेशाब करने के मामले में 100 रुपये का जुर्माना लगाया गया.
बिना अनुमति किसी भी प्रकार का विज्ञापन दंडनीय
अधिकारियों ने मौके पर ही संबंधित लोगों को नियमों की जानकारी दी और दोबारा उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी. अवैध विज्ञापनों के खिलाफ अलग से विशेष अभियान चलाया गया. नगर निगम क्षेत्र में बिना अनुमति प्रचार सामग्री लगाने वाले 12 संस्थानों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया. इनमें एथर मोटर, ओरो डेंटल क्लिनिक, साइंटिफिक ट्यूटोरियल्स, दिल्ली डायग्नोस्टिक्स, कॉमर्स पाथवे, फैबो, केयर क्लिनिक, डॉ. मनीषा घई, सिनैप्स न्यूरो केयर, चार्टर्ड कॉमर्स, मधुरम हेल्थ केयर थेरेपी सेंटर और पेंटर राज आर्ट शामिल हैं. निगम ने स्पष्ट किया कि झारखंड नगरपालिका अधिनियम 2011 के तहत बिना अनुमति किसी भी प्रकार का विज्ञापन दंडनीय है.
अपर प्रशासक ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अभियान को नियमित रूप से जारी रखा जाए. उन्होंने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन के लिए केवल जुर्माना पर्याप्त नहीं, बल्कि निरंतर निगरानी और जनभागीदारी भी आवश्यक है. नगर निगम ने शहरवासियों और व्यवसायियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि स्वच्छता बनाए रखना सामूहिक जिम्मेदारी है और नियमों का पालन करना सभी के हित में है.
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