State Service Exam Rules: राज्य सेवा परीक्षा में सख्ती, गैजेट्स और आभूषणों पर बैन, जानें क्या पहनकर जा सकेंगे अभ्यर्थी
रायपुर: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा में इस बार अच्छी खासी सख्ती बरती जा रही है. परीक्षार्थी गैजेट्स और अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं को लेकर एग्जाम सेंटर के भीतर प्रवेश नहीं कर सके. रायपुर सहित सभी परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की गहन जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया.
मोबाइल, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस पर पूर्ण प्रतिबंध
परीक्षा केंद्रों में मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, ईयरफोन, कैलकुलेटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स पूरी तरह प्रतिबंधित रहे. कई अभ्यर्थी घड़ी और स्मार्ट वॉच पहनकर पहुंचे, जिन्हें बाहर ही जमा कराया गया. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक उपकरण परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता के लिए खतरा बन सकता है, इसलिए शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई गई.
कान के आभूषण भी जांच के दायरे में
इस बार ईयररिंग्स, चेन, कड़े और अन्य धातु आभूषणों को भी जांच के दायरे में रखा गया. कुछ अभ्यर्थी कान में आभूषण पहनकर पहुंचे थे, जिन्हें जांच के दौरान हटवाया गया. महिला अभ्यर्थियों से विशेष रूप से अनुरोध किया गया था कि वे न्यूनतम आभूषण पहनकर आएं, ताकि जांच प्रक्रिया में समय न लगे। सुरक्षा कर्मियों ने मेटल डिटेक्टर के माध्यम से भी जांच की.
आभूषणों पर सख्ती, केवल मंगलसूत्र और नोज पिन की अनुमति
इस बार आभूषणों को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए. महिला अभ्यर्थियों को केवल मंगलसूत्र और नोज पिन पहनने की अनुमति दी गई. इसके अलावा किसी भी प्रकार के आभूषण जैसे कान के भूषण (ईयररिंग्स), चेन, कंगन, ब्रेसलेट या अन्य धातु सामग्री पहनकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई.
ड्रेस कोड का सख्ती से पालन
कई अभ्यर्थी डार्क शर्ट, फुल स्लीव कपड़े और जूते पहनकर पहुंचे थे. नियमों के अनुसार हल्के रंग के साधारण वस्त्र और चप्पल/सैंडल पहनकर आने के निर्देश दिए गए थे. जिन अभ्यर्थियों ने दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया, उन्हें प्रवेश से पहले आवश्यक परिवर्तन करने को कहा गया.
केंद्र के बाहर जमा कराई गई सामग्री
परीक्षा केंद्रों के बाहर मोबाइल, बैग, नोट्स, इलेक्ट्रॉनिक सामान और अन्य निजी वस्तुएं जमा कराने की व्यवस्था की गई थी. बिना जांच के किसी को भी अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई. अधिकारियों का कहना है कि सभी दिशा-निर्देश पहले से जारी कर दिए गए थे. यदि अभ्यर्थी उन्हें ध्यानपूर्वक पढ़कर आएं, तो उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा.
बारीकी से की गई जांच
जे एन पाण्डेय स्कूल ड्रेस को भी परीक्षा के लिए केंद्र बनाया गया है. यहां पर भी परीक्षा को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है और हर परीक्षार्थी की बारीकी से जांच पड़ताल की गई. एक-एक परीक्षार्थी को बारीकी से चेक करने के बाद परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया गया.
परीक्षार्थी को किसी तरह की ना हो असुविधा, रखा गया ध्यान
स्कूल की प्रिंसिपल सुचिता पांडे ने बताया कि परीक्षा केंद्र में सारी व्यवस्थाएं की गई हैं. इस स्कूल कोई परीक्षा केंद्र बनाया गया है जहां 500 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं. साफ सफाई पीने के पानी की व्यवस्था की गई है. सुरक्षा के ठोस इंतजाम किए गए हैं. परीक्षार्थी को किसी तरह की असुविधा न हो इस बात का ख्याल रखा है. इसके अलावा उन्होंने कहा कि सभी परीक्षार्थियों को पहले ही बता दिया गया था , किस तरह परीक्षा देने आना है, क्या पहन कर आना है, और किन नियमों का पालन करना है और उसी के तहत आज की परीक्षा संपन्न कराई जा रही हैं.
निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा पर प्रशासन का फोकस
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है. सीसीटीवी निगरानी, पुलिस बल की तैनाती और कड़ी जांच के जरिए यह सुनिश्चित किया गया कि किसी भी प्रकार की अनियमितता न हो. अभ्यर्थियों से अपील की गई है कि वे भविष्य की परीक्षाओं में भी निर्धारित नियमों और ड्रेस कोड का पूरी तरह पालन करें, ताकि परीक्षा प्रक्रिया सुचारू और पारदर्शी बनी रहे.
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