इस्लामिक कैलेंडर का नौंवा माह रमजान हर इस्लाम मानने वाले के लिए बेहद खास होता है. दुनियाभर के मुस्लिम इस महीने में रोजा रखते हैं और इस अवधि में पानी पीने की मनाही होती है. रोजा इबादत, गुनाहों से तौबा. तफ़क्कुर का महीना होता है. इसमें सबसे जरूरी चीज होती है सब्र और खुद पर पाबंदी करना यानी सेल्फि डिसिप्लिन. सुबह सूरज निकलने से पहले यानी तकरीबन 4 बजे उठकर सहरी खाई जाती है. इसके बाद रोजा शुरू हो जाता है और तकरीबन 13 से 14 घंटे के बाद इफ्तार किया जाता है. बिना पानी के भी एनर्जी बनी रहे और आपको रोजा के दौरान प्यास न लगे, इसके लिए जान लें कि कौन सी बातों को ध्यान में रखना चाहिए.
रहमतों के महीने रमजान में हर मुस्लिम पर रोजा करार दिया गया है. हालांकि कुछ स्थितियों में जैसे प्रेग्नेंसी, कोई मेडिकल कंडीशन में रोजा में छूट होती है, क्योंकि कई घंटों तक बिना पानी के रहने से कमजोरी, चक्कर आना जैसी समस्याएं हो सकती हैं. हेल्दी लोगों को भी रोजा के दौरान सावधानियां बरतनी चाहिए ताकि आप हेल्दी रह सकें. तो चलिए जान लेते हैं कि किन-किन बातों का ध्यान रखें.
सहरी में ये बातें ध्यान रखें
सुहुर या सहर के समय खायी जाने वाली चीजें भी आपकी दिनभर की एनर्जी को बनाए रखने या कम करने में अहम भूमिका निभाती हैं, इसलिए इस समय के खाने में स्वाद के साथ ही पोषण पर भी ध्यान देना चाहिए.
क्या खाना सही? सहीर के दौरान ऐसी चीजें खाएं जो पानी से भरपूर हो जैसे रसीले फल, सब्जियों के सलाद. हेल्दी ड्रिंक्स जैसे छाछ, नींबू पानी, नारियल पानी. इसके अलावा दूध में 3-4 खजूर उबालकर इसका सेवन करना सबसे सही रहता है. इससे आपको न सिर्फ इंस्टेंट एनर्जी मिलेगी, बल्कि दिनभर भी आप एनर्जेटिक बने रहेंगे और प्यास भी कम लगती है. ध्यान रखें कि हल्का खाना खाएं जो आसानी से पच जाता हो.
ये चीजें बढ़ाती हैं प्यास? सहरी के दौरान खाने में नमक वाली चीजें कम लें, क्योंकि इससे दिन में प्यास ज्यादा लगती है. इसी तरह से सेहरी में आपको तली-भुनी और मसालेदार चीजों से भी परहेज करना चाहिए. ये चीजें भी शरीर में पानी की कमी की वजह बन सकती हैं और अपच भी हो जाती है.
बहुत ज्यादा बात करने से बचें
रोजा के दौरान आप लोगों से इंटरेक्ट करते रहें जिससे समय आसानी से कट जाता है और आपको बहुत ज्यादा कठिनाई नहीं होती है, लेकिन ध्यान रखें कि बहुत ज्यादा या फिर चिल्लाकर बात करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे एनर्जी खर्च होती है और गला भी सूखता है.
मेहनत वाले काम या भागदौड़
रोजा के दौरान अगर कोई भारी काम करने की जरूरत हो तो इसे आप टाल सकते हैं. कोशिश करें कि इफ्तार के बाद वो काम करें या फिर सहरी के समय उसे निपटा लें. बहुत ज्यादा धूप में भागदौड़ करने से खासतौर पर बचना चाहिए. इससे आपकी एनर्जी लो हो जाती है और डिहाइड्रेशन भी हो सकता है.
इवनिंग में करें व्यायाम
अगर आप एक्सरसाइज करते हैं तो इस बात का ध्यान रखें कि रोजा के दौरान बहुत ज्यादा हैवी वर्कआउट न करें. मॉर्निंग की बजाय आप एक महीने के लिए वर्कआउट टाइम को इवनिंग में शिफ्ट कर लें, इफ्तार के 2 से ढाई घंटे के बाद आप वर्कआउट कर सकते हैं.
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