Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
"हर घर तिरंगा अभियान: आंगनवाड़ी केंद्रों पर बच्चों ने फहराया तिरंगा, देशभक्ति के गीतों से गूंजा आंगन... कलेक्टर-एसपी ने स्वतंत्रता दिवस समारोह पूर्व तैयारियों का लिया जायजा कलेक्टर और एसपी ने परेड ग्राउ... जिला संयोजक ने ली छात्रावास अधीक्षकों की बैठक, शत प्रतिशत परीक्षा परिणाम लाने के दिए निर्देश आगर-मालवा जिले में जन विश्वास अभियान के तहत 14 अगस्त को बड़ौद के गंगापुर में जन विश्वास शिविर, ग्राम... उज्जैन-आगर मालवा- झालवाड़ राष्ट्रीय राज्यमार्ग (NH-552G) की टेंडर प्रक्रिया को लेकर सांसद महेंद्र सि... सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: कर्नाटक में UAPA मामलों की रोजाना सुनवाई के लिए बनेगा अलग स्पेशल कोर्ट जस्टिस यशवंत वर्मा मामले में बड़ी कार्रवाई, राज्यसभा में पेश की गई 3 सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट देहरादून-मसूरी मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण के दौरान भीषण भूस्खलन, सड़क पर गिरा भारी मलबा जालंधर के अवतार नगर में सनसनीखेज डबल मर्डर, कलयुगी युवक ने अपनी पत्नी और पिता की हत्या कर मचाया हड़क... 'जंतर-मंतर सीजन-2' का जल्द होगा आगाज: CJP फाउंडर अभिजीत दिपके का बड़ा ऐलान, हॉल न मिलने पर भाजपा पर ...

Giraudpuri Dham News: सतनाम सद्भाव पदयात्रा का आज गिरौदपुरी में समापन, सीएम के आगमन को लेकर तैयारी तेज

24

बलौदाबाजार: पांच दिनों से चल रही ‘सतनाम सद्भाव पदयात्रा’ आज पवित्र गिरौदपुरी धाम में समाप्त होगी. हजारों श्रद्धालु सफेद जैतखाम (ध्वज) लेकर अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रहे हैं. शाम को सामूहिक ‘सतनाम’ के उद्घोष के साथ यात्रा का समापन होगा.

रायपुर से शुरू हुई थी यात्रा

यह पदयात्रा रायपुर से शुरू हुई थी. प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और आरंग विधायक गुरु खुशवंत साहेब के नेतृत्व में हजारों लोग इसमें शामिल हुए. यात्रा का उद्देश्य था – सत्य, अहिंसा और सामाजिक एकता का संदेश फैलाना.

पांचवें दिन दिखा जबरदस्त उत्साह

पांचवें दिन यात्रा लवन से आगे बढ़ी. रास्ते में कसडोल, छरछेद, छाछी, कटगी और अमोदी जैसे गांवों में लोगों ने फूल बरसाकर स्वागत किया. महिलाओं ने मंगल कलश से अभिनंदन किया. युवाओं ने पंथी नृत्य प्रस्तुत किया. साथ ही स्वयंसेवकों ने जलपान और विश्राम की व्यवस्था भी की. धाम के करीब पहुंचते ही श्रद्धालुओं का उत्साह और बढ़ गया.

गुरु घासीदास की तपोभूमि में होगा समापन

गिरौदपुरी वही स्थान है जहां महान संत गुरु घासीदास ने सत्य और समानता का संदेश दिया था. यात्रा के धाम पहुंचने के बाद मुख्य जैतखाम की परिक्रमा होगी. गुरु के चरणों में मत्था टेका जाएगा और सामूहिक प्रार्थना और भजन-कीर्तन होंगे.

मुख्यमंत्री भी हो सकते हैं शामिल

समापन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के शामिल होने की संभावना है. उनके आने से आयोजन का महत्व और बढ़ गया है. वे श्रद्धालुओं को संबोधित भी कर सकते हैं.

धार्मिक के साथ सामाजिक संदेश

यह यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं है. रास्ते में हर समाज और वर्ग के लोगों ने स्वागत किया. कई जगह मुस्लिम और आदिवासी समाज के लोग भी शामिल हुए.

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

पूरे मार्ग में पुलिस तैनात की गई है. यात्रा को लेकर ट्रैफिक डायवर्जन की व्यवस्था है साथ ही एंबुलेंस और मेडिकल टीम भी जुटी हुई है. प्रशासन और आयोजन समिति मिलकर व्यवस्था संभाल रहे हैं.

युवाओं और महिलाओं की बड़ी भागीदारी

इस पदयात्रा में बड़ी संख्या में युवा और महिलाएं शामिल हुईं. युवाओं ने अनुशासन के साथ जैतखाम थामा तो महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में भजन-कीर्तन किया. यात्रा ने नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने का काम किया.

स्थानीय बाजारों में बढ़ी रौनक

यात्रा से गांवों और कस्बों में उत्सव जैसा माहौल है. चाय और नाश्ते की दुकानों पर भीड़ दिखी और पूजन सामग्री की बिक्री भी बढ़ी है. इससे स्थानीय व्यापार को भी लाभ मिला.

आस्था और एकता का संदेश

जब हजारों श्रद्धालु एक साथ गिरौदपुरी धाम पहुंचकर ‘सतनाम’ का जयघोष करेंगे, वह दृश्य सामाजिक एकता का प्रतीक होगा. यह पदयात्रा आज समाप्त होगी, लेकिन इसका संदेश समाज में लंबे समय तक गूंजता रहेगा.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.