Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
क्या भारत में नागरिकों को हासिल है पूरी आजादी? जानिए संविधान प्रदत्त 11 अधिकारों के साथ जुड़ी अहम का... क्या NDA में होगा बड़ा विस्तार? परिसीमन और महिला आरक्षण बिल के बीच DMK, NCP और अकाली दल के साथ आने क... महाराष्ट्र के सांगली में बड़ा हादसा: रेणावी घाट में दो ST बसों की आमने-सामने भीषण टक्कर स्वतंत्रता दिवस 2026: दिल्ली मेट्रो की विशेष व्यवस्था, लाल किला और जामा मस्जिद के लिए सुबह 4 बजे से ... अयोध्या पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महंत परमहंस रामचंद्र दास के स्मृति समारोह में हुए शामिल 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्र के नाम संबोधन, देशवासि... PM मोदी और विदेश नीति पर टिप्पणी से गरमाई सियासत: राजनाथ सिंह और एकनाथ शिंदे ने राहुल गांधी को घेरा,... CJI सूर्य कांत विवाद के बाद सुर्खियों में NALSAR यूनिवर्सिटी, BCI ने वापस लिया निलंबन फैसला 4,200 करोड़ के लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब 15 अगस्त को देश मनाएगा 80वां स्वतंत्रता दिवस, लाल किले पर समारोह के दौरान मौसम पर टिकीं निगाहें

जालंधर में भारी बवाल! पुलिस से भिड़ गया ऑटो चालक, बीच सड़क पर हुआ जबरदस्त हंगामा, लोगों की जुटी भारी भीड़

23

जालंधर: शहर की बिगड़ती ट्रैफिक व्यवस्था एक बार फिर विवाद का कारण बन गई। सिविल अस्पताल के बाहर पुलिस और एक ऑटो चालक के बीच तीखी नोकझोंक हो गई, जिससे मौके पर भारी हंगामा खड़ा हो गया। ऑटो चालक का कहना है कि वह एक मरीज को अस्पताल छोड़ने के लिए सिविल अस्पताल पहुंचा था। मरीज को उतारने के बाद जब वह बाहर निकला तो पुलिस ने उसका ऑटो रोक लिया। चालक के अनुसार, पुलिस ने दस्तावेज जांच के बाद चालान काटने की बात कही और ऑटो को थाना-4 ले जाने की कोशिश की, जिसका उसने विरोध किया।

ऑटो चालक ने आरोप लगाया कि पुलिस चालान तो काट सकती है, लेकिन बिना किसी ठोस कारण के उसका ऑटो जब्त कर थाने ले जाना गलत है। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में विवाद बढ़ गया। वहीं पुलिस कर्मियों का कहना है कि चालक से दस्तावेज दिखाने को कहा गया था, लेकिन उसने कागजात नहीं दिखाए। इसी कारण ऑटो को थाने ले जाने के लिए कहा गया। ऑटो चालक ने यह भी आरोप लगाया कि सिविल अस्पताल के पास वन-वे जोन होने के बावजूद अन्य ऑटो चालकों पर कार्रवाई नहीं की जाती, जबकि उसे मरीज छोड़कर लौटते समय रोका गया। उसका कहना है कि कैमरे के सामने पुलिस औपचारिक कार्रवाई करती है, जबकि मौके पर बड़ी संख्या में ऑटो खड़े रहते हैं।

घटना की सूचना मिलने पर कांग्रेस पार्षद शैरी चड्ढा भी मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारी कुलवंत ने बताया कि वन-वे जोन में ऑटो प्रतिबंधित हैं, इसके बावजूद चालक सवारी लेकर वहां पहुंच जाते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि मरीज होने की स्थिति में आमतौर पर चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की जाती। ट्रैफिक इंचार्ज ने बताया कि ऑटो चालक को चौक पर रोकने का प्रयास किया गया था, लेकिन वह नहीं रुका। इसके बाद पुलिस कर्मियों ने बाइक से उसका पीछा किया और दस्तावेज जांच के दौरान विवाद हो गया। ऑटो चालक ने पुलिस पर गाड़ी की चाबी निकालने का आरोप लगाया, जबकि पुलिस ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया। काफी देर तक चले हंगामे के बाद पार्षद शैरी चड्ढा के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.