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जालंधर में भारी बवाल! पुलिस से भिड़ गया ऑटो चालक, बीच सड़क पर हुआ जबरदस्त हंगामा, लोगों की जुटी भारी भीड़

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जालंधर: शहर की बिगड़ती ट्रैफिक व्यवस्था एक बार फिर विवाद का कारण बन गई। सिविल अस्पताल के बाहर पुलिस और एक ऑटो चालक के बीच तीखी नोकझोंक हो गई, जिससे मौके पर भारी हंगामा खड़ा हो गया। ऑटो चालक का कहना है कि वह एक मरीज को अस्पताल छोड़ने के लिए सिविल अस्पताल पहुंचा था। मरीज को उतारने के बाद जब वह बाहर निकला तो पुलिस ने उसका ऑटो रोक लिया। चालक के अनुसार, पुलिस ने दस्तावेज जांच के बाद चालान काटने की बात कही और ऑटो को थाना-4 ले जाने की कोशिश की, जिसका उसने विरोध किया।

ऑटो चालक ने आरोप लगाया कि पुलिस चालान तो काट सकती है, लेकिन बिना किसी ठोस कारण के उसका ऑटो जब्त कर थाने ले जाना गलत है। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में विवाद बढ़ गया। वहीं पुलिस कर्मियों का कहना है कि चालक से दस्तावेज दिखाने को कहा गया था, लेकिन उसने कागजात नहीं दिखाए। इसी कारण ऑटो को थाने ले जाने के लिए कहा गया। ऑटो चालक ने यह भी आरोप लगाया कि सिविल अस्पताल के पास वन-वे जोन होने के बावजूद अन्य ऑटो चालकों पर कार्रवाई नहीं की जाती, जबकि उसे मरीज छोड़कर लौटते समय रोका गया। उसका कहना है कि कैमरे के सामने पुलिस औपचारिक कार्रवाई करती है, जबकि मौके पर बड़ी संख्या में ऑटो खड़े रहते हैं।

घटना की सूचना मिलने पर कांग्रेस पार्षद शैरी चड्ढा भी मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारी कुलवंत ने बताया कि वन-वे जोन में ऑटो प्रतिबंधित हैं, इसके बावजूद चालक सवारी लेकर वहां पहुंच जाते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि मरीज होने की स्थिति में आमतौर पर चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की जाती। ट्रैफिक इंचार्ज ने बताया कि ऑटो चालक को चौक पर रोकने का प्रयास किया गया था, लेकिन वह नहीं रुका। इसके बाद पुलिस कर्मियों ने बाइक से उसका पीछा किया और दस्तावेज जांच के दौरान विवाद हो गया। ऑटो चालक ने पुलिस पर गाड़ी की चाबी निकालने का आरोप लगाया, जबकि पुलिस ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया। काफी देर तक चले हंगामे के बाद पार्षद शैरी चड्ढा के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ।

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