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Farmers Protest: भारत-अमेरिका डील को किसान नेता ने बताया ‘खतरनाक’, मार्च में दिल्ली के रामलीला मैदान में महापंचायत

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नर्मदापुरम: संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनैतिक) के तत्वाधान में 7 फरवरी से निकाली जा रही कन्या कुमारी से कश्मीर तक किसान जागृत यात्रा नर्मदापुरम पहुंची. यात्रा में राष्ट्रीय किसान नेता सरदार जगजीत सिंह डल्लेवाल भी पहुंचे. इस दौरान ईटीवी भारत ने उनसे किसानों के विभिन्न मुद्दों को लेकर चर्चा की. उन्होंने बताया कि, ”यात्रा 20 मार्च को दिल्ली में समाप्त होगी और देश के लाखों किसान रामलीला मैदान में प्रधानमंत्री के खिलाफ आवाज उठाते नजर आएंगे.”

भारत-अमेरिका डील से सभी वर्गों को नुकसान
सरदार जगजीत सिंह डल्लेवाल ने भारत-अमेरिका के डील को लेकर कहा कि, ”इस डील से सभी वर्गों को नुकसान होने वाला है. वह सब जीएम क्रॉप (जेनेटिकली मोडीफाई) से पैदा होकर आएगी जो मनुष्य ही नहीं उसके डीएनए के लिए भी खतरनाक साबित होगा.” उन्होंने बताया कि, ”हमारा मानना है कि हमारा स्कीम नॉन पॉलिटिकल समझ आए कि जब तक देश के किसान को फसलों का भाव एमएसपी ग्रैंड पर पूरा नहीं मिलता तब तक देश का किसान बच नहीं पाएगा.

देश में किसान सुसाइड ऐसे ही करते रहेगा, इसके लिए जरूरी है उनको एमएसपी कम से कम डॉक्टर स्वामीनाथन के फार्मूले के हिसाब से मिले. हमारा मानना है कि अभी-अभी सरकार ने अमेरिका के साथ में डील के लिए प्रयास किए हैं, आधा तो काम उन्होंने निपटा लिया है, उससे किसानों को ही नहीं मजदूरों, दुकानदारों को यहां तक हर एक व्यक्ति पर इसका प्रभाव पड़ेगा. बाहर से जो तेल, खुराक, बेकरी का सामान आएगा, वह सब का सब जीएम क्रॉप से पैदा होकर ही आएगा जो मनुष्य के लिए और उसके डीएनए के लिए खतरनाक साबित होने वाला है.

इस बात को लेकर पूरे देश को जागृत करने का हम प्रयास कर रहे हैं. इस यात्रा के माध्यम से 7 फरवरी से हमने कन्याकुमारी से इस यात्रा को शुरू की है. आज हम यहां हैं, आहिस्ता आहिस्ता आगे बढ़ते हुए 20 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में इस यात्रा का समापन होगा और वहां पर लाखों किसान इकट्ठे होकर देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ एक आवाज उठाते नजर आएंगे.

कहने से कुछ नहीं होता, किसानों के लिए करके दिखाए सरकार
जब उनसे प्रश्न किया कि सरकार लगातार किसानों के लिए काम करने की बात कह रही है और किसान आंदोलन की बात करते हैं. कैसे देखते हैं? उन्होंने बताया कि, ”कहने से कुछ नहीं होता, कहने के लिए तो सब लोग यही कहेंगे कि हम किसानों के लिए बहुत कुछ कर रहे. लेकिन वास्तव में क्या हो रहा है, जमीनी लेवल पर क्या हो रहा है बात वहां होती है.” इंडिया और अमेरिका की डील को लेकर उन्होंने कहा कि, ”अमेरिका सरकार कुछ और कह रही है, इंडिया कुछ और बोल रहा है. जब उनकी कलेक्टिव स्टेटमेंट आया उसमें कुछ और कहा गया. सरकार अपने ही देश के लोगों से कुछ छुपा रही है. आपको छुपाने की जरूरत उस चीज को होती है जो देश के हित की ना हो.”

‘हम किसान हैं आतंकवादी नहीं जो ट्रेन से उतार लिया’
दिल्ली जा रहे साउथ के किसानों को ट्रेन से उतार लेने की घटना पर उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, ”यह भी सरकार का एक चेहरा है, हमारे प्रधानमंत्री बोलते हैं की वर्ल्ड का सबसे बड़ा डेमोक्रेटिक कंट्री इंडिया है. किसान को अन्नदाता भी मानते हैं लेकिन जब अपनी समस्या के लिए बात करने दिल्ली आते हैं तो उन्हें ट्रेन से रास्ते में उतार लिया जाता है. दिल्ली में घुसने ही नहीं दिया जाता. हम कोई आतंकवादी थोड़ी हैं, हम किसान हैं. उनको भी आने नहीं दे रहे है, पूरे वर्ल्ड के अंदर भारत सरकार का चेहरा नंगा हो रहा है, यह डेमोक्रेटिक नहीं है.”

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