Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
जबलपुर में महिला आरक्षक से पहचान छिपाकर दुष्कर्म और धर्मांतरण का दबाव, एसपी दफ्तर पहुंची पीड़िता नेपाल में कांवड़ यात्रा से पहले झंडे को लेकर भड़की हिंसा: भारत सीमा से लगे 5 जिलों में कर्फ्यू, सरका... अर्ली मेनोपॉज और हाई ब्लड प्रेशर का क्या है कनेक्शन? एक्सपर्ट से जानें एस्ट्रोजन हार्मोन का असर और ब... IB अफसर अंकित शर्मा हत्याकांड: ताहिर हुसैन समेत 5 को उम्रकैद, जानें किन पुख्ता सबूतों पर कोर्ट ने सु... पूर्णिया में बदल रही गांवों की तस्वीर: PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से 281 परिवारों का बिजली बिल हु... हरिद्वार कांवड़ यात्रा में बड़ा हादसा: जटवाड़ा पुल के पास गंगनहर में डूबने से चंडीगढ़ के 4 कांवड़ियो... संत रविदास के 650वें जयंती वर्ष पर भदोही बना 'संत रविदास नगर', सीएम योगी ने की सांस्कृतिक पुनर्स्थाप... बिहार विधान परिषद में बड़ा उलटफेर: बीजेपी एमएलसी देवेश कुमार ने दिया इस्तीफा, मंत्री दीपक प्रकाश के ... असम के शिलचर में बड़ा हादसा: पानी की टंकी की सफाई के दौरान दम घुटने से 4 लोगों की मौत; इलाके में शोक कटनी में 11 साल पुरानी जर्जर सड़क का केक काटकर मनाया जन्मदिन! कांग्रेस का प्रशासन के खिलाफ अनोखा विर...

Jharkhand News: नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी का बड़ा बयान, डीजीपी तदाशा मिश्रा से मांगा इस्तीफा

21

रांची: डीजीपी नियुक्ति मामले में सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा दिए गए आदेश के बाद नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड डीजीपी तदाशा मिश्रा को खुद इस्तीफा देने की सलाह दी है. बीजेपी प्रदेश कार्यालय में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि, “तदाशा मिश्रा को मैं जानता हूं. वो अन्य पुलिस पदाधिकारियों के अपेक्षा अच्छे पुलिस ऑफिसर हैं.” नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि तदाशा मिश्रा 31 जनवरी को रिटायर हो जाती हैं, लेकिन मुख्यमंत्री अवैध रूप से उन्हें फिर डीजीपी बनाते हैं.

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि जिस पुलिस अधिकारी का पूरा सर्विस बेदाग रहा हो, वैसे पुलिस पदाधिकारी को कोर्ट के आदेश हटना पड़े, ये अच्छा नहीं लगता है. बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सोशल मीडिया में पोस्ट के माध्यम से उन्होंने सलाह दी है कि जब सुप्रीम कोर्ट का आदेश आ गया है कि एक महीने के अंदर राज्य सरकार के द्वारा यूपीएससी को पैनल भेजकर डीजी की नियुक्ति करना है, ऐसे में सरकार हटाए, या उससे बेहतर है कि डीजीपी खुद हट जाएं.

सुप्रीम कोर्ट ने दिया है डीजीपी नियुक्ति को लेकर अहम फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिनों डीजीपी नियुक्ति मामले में अहम फैसला सुनाते हुए सरकार को पुलिस महानिदेशक की नियुक्ति प्रक्रिया का एक माह में पालन करने का निर्देश दिया है. सर्वोच्च अदालत ने स्पष्ट किया है कि डीजीपी की नियुक्ति प्रकाश सिंह बनाम भारत सरकार मामले में दिए गए दिशा-निर्देशों और यूपीएससी की निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप ही की जानी चाहिए.

न्यायालय ने यह भी कहा है कि डीजीपी की नियुक्ति में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना अनिवार्य है. राज्य सरकार को इसके लिए पहले पात्र और वरिष्ठतम आईपीएस अधिकारियों की सूची यूपीएससी को भेजनी होगी. यूपीएससी उस सूची में से तीन योग्य अधिकारियों का पैनल तैयार करेगा, इसके बाद राज्य सरकार को उनमें से एक को कम-से-कम दो वर्ष के निर्धारित कार्यकाल के लिए डीजीपी के पद पर नियुक्त करना होगा.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.