Bastar Pandum 2026: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी जनजातीय संस्कृति के महाकुंभ का शुभारंभ, जानें पूरा शेड्यूल
जगदलपुर: बस्तर की माटी की खुशबू और वहां की समृद्ध जनजातीय संस्कृति एक बार फिर विश्वपटल पर अपनी छाप छोड़ने को तैयार है. 7 से 9 फरवरी तक आयोजित होने वाले संभाग स्तरीय बस्तर पण्डुम 2026 को लेकर अंचल के निवासियों में अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है.
बस्तर पंडुम 2026
बस्तर पंडुम 2026 संभाग स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ देश की राष्ट्रपति महामहिम द्रोपदी मुर्मू करेंगी. राष्ट्रपति के प्रवास को देखते हुए तैयारियां जोरों पर हैं. सुरक्षा के लिहाज से चप्पे-चप्पे पर जवानों की तैनाती कर दी गई है. राष्ट्रपति के दौरे को लेकर आदिवासी बहुल इलाके में खासकर बस्तर के लोगों में अदभुत उत्साह है. लोगों को उम्मीद है कि वो मूलनिवासियों और जल, जंगल और जमीन को लेकर उनके साथ विचार साझा करेंगी.
बस्तर की सांस्कृतिक पहचान को मिलेगी और मजबूती
साल 2025 में विकासखंड स्तर पर आयोजित प्रतियोगिताओं में 15,596 प्रतिभागियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी. वहीं इस वर्ष यह आंकड़ा सातों जिलों में तीन गुना से भी अधिक बढ़कर 54,745 तक पहुंच गया है. जिलास्तर की कड़ी प्रतिस्पर्धा से जीत कर आए 84 दल और उनके 705 चयनित कलाकार इस दौरान अपनी कला का जादू बिखरेंगे.
इन तीन दिनों में बस्तर की फिजां में जनजातीय नृत्य की थाप, पारंपरिक गीतों की गूंज, स्थानीय व्यंजन-पेयपदार्थ और नाटकों का मंचन आकर्षण का मुख्य केंद्र रहेगा. प्रतियोगिता में कुल 12 अलग-अलग विधाओं का प्रदर्शन किया जाएगा. जिसमें सर्वाधिक 192 कलाकार जनजातीय नृत्य में और 134 कलाकार जनजातीय नाटक सहित अन्य विधा में हुनर दिखाएंगे.
जमीन से लेकर आसमान तक सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजाम
बस्तर एसपी शलभ सिन्हा ने बताया कि राष्ट्रपति के प्रवास को देखते हुए 3 लेयरो पर सुरक्षा का चाक चौबंद किया गया है. इसके साथ ही आउटर कॉर्डेन रहेगा. जो शहर के चारों दिशाओं में सुरक्षा व्यवस्था देखेंगे. बीच के लेयर में एयरपोर्ट और कार्यक्रम स्थल को संभालेंगे. इसके साथ ही जहां जहां मैडम का विजिट होगा वहां एक लेयर तैनात रहेगा. इसके लिए जिले के अलावा अतिरिक्त बल का आबंटन हुआ है. जिसकी ब्रीफिंग की गई है. सुरक्षा में 50 से अधिक राजपत्रित अधिकारी और 700 से अधिक बल तैनात हैं. सभी मुख्य सड़कों पर सीसीटीवी कैमरे और वाहनों की चेकिंग की जा रही है. बाइक पेट्रोलिंग और मोबाइल पेट्रोलिंग भी तैनात है. पिछले 3 दिनों से पूरे इलाके में बम स्क्वायर्ड और डॉग स्क्वायर्ड भी जांच में तैनात है.
अंजली कश्यप ने कहा कि राष्ट्रपति प्रवास को लेकर काफी उत्साहित हैं. क्योंकि राष्ट्रपति खुद आदिवासी समाज से आती हैं. बस्तर भी आदिवासी बहुल इलाका है. ऐसे में यह उम्मीद जताई जा रही है कि आदिवासी मूलनिवासियों के लिए और बस्तर के जल, जंगल और जमीन को सुरक्षित रखने के लिए मंच से बड़ी बात कहेंगी.
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