आदित्यपुर नगर निगम चुनाव: जनता त्रस्त, दफ्तर के पास फैली गंदगी बनी चुनावी मुद्दा; नेताओं की बढ़ेगी मुश्किलें!
सरायकेलाः जिले में आदित्यपुर नगर निगम कार्यालय के पास जलजमाव, गंदगी और जल संकट से त्रस्त जनता का गुस्सा फूटता नजर आ रहा है. इस बार के नगर निगम चुनाव में इन जनसमस्याओं को मुद्दा बनाने की तैयारी की जा रही है.
अव्यवस्था का अंबार: जलजमाव और गंदगी से जनता त्रस्त
आदित्यपुर नगर निगम वार्ड 23 स्थित कार्यालय के आसपास का इलाका लापरवाही का प्रत्यक्ष प्रमाण बन गया है. मानसून के दौरान यहां की सड़कें तालाब में तब्दील हो जाती हैं. जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण बारिश का गंदा पानी लोगों के घरों के पास जमा रहता है. नालों की नियमित सफाई न होने से ओवरफ्लो की समस्या आम है, जिससे न केवल दुर्गंध फैल रही है बल्कि डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है.
विरोधाभास: बरसात में बाढ़ और गर्मी में सूखा
आदित्यपुर नगर निगम वार्ड 23 क्षेत्र की सबसे बड़ी त्रासदी यह है कि यहां की जनता दोहरे संकट से जूझ रही है. एक तरफ बारिश के दिनों में जलजमाव से लोग परेशान हैं. दूसरी तरफ गर्मी के दस्तक देते ही क्षेत्र में भीषण जल संकट गहरा जाता है. जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
नल जल योजना की विफलता!
नियमित जलापूर्ति न होने से लोग निजी टैंकरों पर निर्भर हैं. स्थानीय वार्ड संख्या 23 के निवासियों ने पूर्व मुख्यमंत्री व स्थानीय विधायक चंपाई सोरेन से भी इसकी शिकायत की थी. लेकिन आश्वासन के बाद भी जमीनी स्तर पर कोई ठोस पहल नहीं हुई.
आगामी चुनाव में बनेगा बड़ा राजनीतिक मुद्दा
झारखंड में नगर निकाय चुनाव की घोषणा के बीच आदित्यपुर निगम क्षेत्र के लोगों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है. स्थानीय लोगों का स्पष्ट कहना है कि अगर प्रशासन कार्यालय के 100 मीटर के दायरे में मूलभूत सुविधाएं नहीं दे सकता, तो पूरे शहर के विकास के दावे खोखले हैं. जब नगर निगम अपने दरवाजे की गंदगी साफ नहीं कर सकता, तो वह वार्डों का विकास क्या करेगा? इस बार हमारा वोट केवल काम करने वालों को जाएगा.
जवाबदेही की दरकार
आगामी निकाय चुनाव में वार्ड पार्षद और मेयर प्रत्याशियों के लिए इन समस्याओं का समाधान करना सबसे बड़ी चुनौती होगी. अब देखना यह है कि प्रशासन चुनाव से पहले कोई ठोस कदम उठाता है या जनता मतदान के जरिए अपना आक्रोश व्यक्त करेगी.
आचार संहिता, चुनावी माहौल से बच रहे अधिकारी
इन तमाम समस्याओं को लेकर ईटीवी भारत की टीम ने नगर निगम के संबंधित अधिकारियों से बात करने का प्रयास किया. इसपर उन्होंने निकाय चुनाव को लेकर जारी अधिसूचना एवं आचार संहिता का हवाला देते हुए कुछ भी बोलने से साफ इनकार कर दिया.
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