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दिल्ली vs गुरुग्राम vs नोएडा: किसके बैंक खाते हैं ज्यादा भारी? RBI की रिपोर्ट ने साफ की तस्वीर

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उत्तर प्रदेश का सबसे कमाऊ जिला गौतमबुद्ध नगर एक बार फिर से चर्चा पर है. बैंकों में पैसे जमा करने के मामले में यह जिला न सिर्फ प्रदेश में दूसरे स्थान पर है, बल्कि देशभर में 13वें पायदान पर पहुंच गया है. वर्ष 2025 में अप्रैल से सितंबर के बीच गौतमबुद्ध नगर के लोगों ने करीब 11,008 करोड़ रुपये बैंकों में जमा किए हैं.

आरबीआई की रिपोर्ट के अनुसार, जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में बैंक जमा के आंकड़ों में भी बड़ा अंतर देखने को मिलता है. शहरी क्षेत्रों के लोगों ने जहां 9,797 करोड़ रुपये बैंकों में जमा किए, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों से 1,187 करोड़ रुपये की राशि जमा हुई. इसी के आधार पर शहरी क्षेत्र के लोग देशभर में बैंक जमा के मामले में तीसरे स्थान पर हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्र 11वें पायदान पर है.

गुरुग्राम के लोगों ने 22,809 करोड़ रुपये बैंकों में जमा किए

दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के भीतर भी गौतमबुद्ध नगर की स्थिति काफी अहम मानी जा रही है. दिल्ली-एनसीआर से नई दिल्ली 48,624 करोड़ रुपये की बैंक जमा के साथ पहले स्थान पर है. वहीं गुरुग्राम 22,809 करोड़ रुपये के साथ छठे नंबर पर है. नोएडा, जो गौतमबुद्ध नगर का प्रमुख शहर है, 11,008 करोड़ रुपये की जमा राशि के साथ दिल्ली-एनसीआर में तीसरे स्थान पर है. देशभर में बैंकों में जमा कुल पूंजी का 1.07 प्रतिशत हिस्सा अकेले नोएडा का है, जबकि दिल्ली की हिस्सेदारी 8.99 प्रतिशत दर्ज की गई है.

आर्थिक गतिविधियों के विस्तार का असर बैंकिंग सेक्टर पर भी साफ दिखाई दे रहा है. बीते दो दशकों में बैंकिंग क्षेत्र में रोजगार के अवसर दोगुने हो गए हैं. कर्मचारियों की कुल संख्या 8.6 लाख से बढ़कर 18.1 लाख तक पहुंच गई है. इनमें निजी बैंकों की हिस्सेदारी 46 प्रतिशत और सरकारी बैंकों की 42 प्रतिशत है.

गौतमबुद्ध नगर में 25 हजार से अधिक कंपनियां

गौतमबुद्ध नगर में करीब 25 हजार औद्योगिक इकाइयां संचालित हो रही हैं, जो प्रदेश में सबसे ज्यादा हैं. बीते कुछ वर्षों में आईटी और तकनीक से जुड़ी कंपनियों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है. रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मोबाइल ऐप डेवलपमेंट और आईटी आधारित सेवाओं ने रोजगार और आय के नए अवसर पैदा किए हैं. इन्हीं कारणों से गौतमबुद्ध नगर न केवल औद्योगिक बल्कि वित्तीय दृष्टि से भी प्रदेश का सबसे मजबूत जिला बनकर उभर रहा है.

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