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हाई कोर्ट में प्रमोशन में आरक्षण के मामले में सुनवाई, अनारक्षित वर्ग में भी पदोन्नति की मांग

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जबलपुर: प्रमोशन में आरक्षण के मुद्दे पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. जहां सिवनी के रहने वाले सुरेश कुमरे ने अपनी याचिका पेश की. जिसमें उन्होंने प्रमोशन में आरक्षण के नियम 11 और 12 को चुनौती दी. सुरेश कुमरे का कहना है कि अनारक्षित वर्ग में भी आरक्षित वर्ग के लोगों को मेरिट के आधार पर प्रमोशन मिलना चाहिए.

ज्वाइंट डायरेक्टर ने दायर की याचिका

सिवनी निवासी ज्वाइंट डायरेक्टर सुरेश कुमरे ने हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की है. सुरेश कुमरे की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर ने पक्ष रखा. अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ने बताया कि “मध्य प्रदेश सरकार के पदोन्नति नियम के रूल-11 आरक्षण की मूल भावना से अलग है. नियम 11 में कहा गया है कि प्रमोशन के लिए पहले आरक्षित वर्ग के कर्मचारियों की सूची बनाई जाएगी. उसके बाद अनारक्षित वर्ग की सूची बनेगी.

‘सरकार का नियम आरक्षण के पुराने नियम के खिलाफ’

सुरेश कुमरे की ओर से कहा गया है कि इस नियम के तहत आरक्षित वर्ग के लोगों का हक मारा जा रहा है, क्योंकि आरक्षण का नियम कहता है कि पहले मेरिट के आधार पर एक लिस्ट बनेगी. इस लिस्ट में आरक्षित और अनारक्षित वर्ग दोनों ही शामिल हो सकते हैं. जब अनारक्षित पदों पर सिलेक्शन हो जाएगा. तब आरक्षण के नियम के अनुसार अनुसूचित जाति जनजाति और पिछड़े वर्ग को उनके कोटे के अनुसार पदों में प्रमोशन देना होगा. रामेश्वर पी सिंह का कहना है कि सरकार का नियम आरक्षण के इस पुराने नियम के खिलाफ है.”

एक पद के प्रमोशन के लिए 3 गुना अधिकारी सिलेक्ट करना गलत

मामले में यह दलील दी गई कि यह नियम सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है. रामेश्वर सिंह की ओर से राज्य सरकार की पदोन्नति नियम 2025 में इस बात पर भी आपत्ति जताई गई कि एक पद के प्रमोशन के लिए राज्य सरकार के नियम केवल तीन गुना अधिकारियों को सिलेक्ट करेंगे. इन्हीं में से किसी एक को प्रमोशन दिया जाएगा, जबकि सुप्रीम कोर्ट कहता है कि ऐसे मामले में 5 गुना अधिकारियों को चुना जाना है. उनमें से किसी एक का प्रमोशन होना है.

दूसरे राज्यों में 5 गुना नियम का हो रहा पालन

रामेश्वर सिंह ने इस नियम के बारे में बताया कि बाकी राज्य भी पांच गुना नियम का पालन कर रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में एक मामले में ऐसा फैसला भी दिया है. याचिकाकर्ता सुरेश कुमार कुमरे ने पहले सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट में जाने की सलाह दी थी. याचिकाकर्ता ने 27 नवंबर 2025 को सरकार को अभ्यावेदन देकर नियमों में सुधार करने की मांग की थी. कार्रवाई नहीं होने पर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई.

13 जनवरी को भी होगी कोर्ट में प्रमोशन में आरक्षण मामले की सुनवाई

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई. वहीं मंगलवार यानि आज 13 जनवरी को भी प्रमोशन में आरक्षण के मामले की सुनवाई जारी रहेगी. मंगलवार को इस मामले में अजाक्स अपनी ओर से अपना पक्ष रखेगा. अभी तक इस मामले में सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं आए हैं. इस बीच में अनारक्षित वर्ग के कर्मचारी संगठन सपाक्स ने भी अपनी बात रखी है. अजाक्स के साथ दूसरी कई यचिकाएं भी एक साथ सुनी जा रही हैं.

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