भोपाल: नौकरी करने की जगह युवा अब रोजगार के लिए अपने नए रास्ते खोज रहे हैं. नए-नए आइडिया पर काम कर स्टार्टअप शुरू कर रहे हैं. मूलतः बैतूल के रहने वाले दो छात्रों का भोपाल में लौंग पाउच का स्टार्टअप हिट साबित हुआ है. प्रयोग के तौर पर बनाए गए 10 हजार पाउच उनके एक हफ्ते में ही बिक गए. अब युवाओं ने इसे बड़े स्केल पर शुरू करने के लिए सरकार से आर्थिक मदद मांगी है. प्रदेश में स्टार्टअप की संख्या बढ़कर 6500 के करीब पहुंच गई है. राज्य सरकार स्टार्टअप के लिए कई तरह की मदद भी दे रही है.
भोपाल के आई पर कॉलेज से एमबीए कर रहे
युवा अभिषेक बताते हैं कि “मैं पढ़ाई के बाद बिजनेस ही करना चाहता हूं. इसलिए पढ़ाई के साथ ही स्टार्टअप शुरू करने का विचार किया. मैंने गौर किया कि कई तरह के माउथ फ्रेशनर्स मौजूद हैं, लेकिन इनमें लौंग का कोई माउथ बाजार में नहीं है, जबकि इसे बहुत लोग खाते हैं. अभी लोग सीधे लौंग ही खाते हैं, जो स्वाद में भी तीखी होती है. इसी को ध्यान में रखकर मैं अपने दोस्त तनिष्क गुप्ता के साथ इसको माउथ फ्रेशनर्स के रूप में तैयार करने का विचार किया.
इसके बाद काफी रिसर्च के बाद इसको रोस्ट करके और प्रोसेस करके कोटेड लौंग बाजार में लॉन्च की. हालांकि इसके लिए पैसों की जरूरत थी. घर वालों से इसके बारे में नहीं कह सकता था. घर वाले अभी सिर्फ पढ़ाई में ध्यान लगाने के लिए कहते हैं. इसलिए स्कॉलरशिप से 25 हजार रुपए की राशि मिली. इसी रकम से कोटेड लौंग के 10 हजार पाउच बाजार से तैयार कराए और इसे मार्केट में उतारे. यह पाउच एक हफ्ते में ही बिक गए. अब इसे बड़े स्तर पर शुरू करने के लिए सरकार से मदद मांगी है.”
मुख्यमंत्री बोले एक लौंग में आ गया पान का स्वाद
अभिषेक की तरह कई और युवा स्टार्टअप के तौर पर नए-नए प्रोडक्ट लॉन्च कर रहे हैं. बीटेक इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन की स्टूडेंट मुस्कान खरे और सुमित शर्मा ने भी पढ़ाई के साथ-साथ एक हेल्थ मानिटरिंग डिवाइस तैयार की है. वे बताती हैं कि अभी ब्लड शुगर और शुगर की जांच के लिए शरीर से खून निकालना पड़ता है, लेकिन हमने ऐसी डिवाइस तैयार की है, जिसके लिए ब्लड निकालने की जरूरत नहीं पड़ती. बिना ब्लड सैंपल के डिवाइस पर ऊंगली रखकर ही ब्लड शुगर, हार्ट रेट, ऑक्सीजन लेवर और बॉडी टेम्परेचर का पता चल जाता है. उन्हें इसके अच्छी रिजल्ट मिले हैं.
कुछ और रिसर्च के बाद उनकी कोशिश इसे बड़े स्तर पर लॉन्च करने की है. उधर युवाओं के आइडिया को मुख्यमंत्री ने भी खूब सराहा है. भोपाल में हुए स्टार्टअप समिट 2026 के दौरान मुख्यमंत्री ने मंच से लौंग पाउच की तारीफ की. सीएम मोहन यादव ने कहा कि “अब पान की दुकान पर पान खाने की जरूरत नहीं है. इतना अच्छा मिश्रण यहीं देखा. एक लौंग में लपेटकर पान का पूरा स्वाद दे दिया. कितना अच्छा आइटम है. मैं तो दो-तीन लौंग जेब में भी लेकर आया हूं कि घर वालों को खिलाएंगे कि हमारे बच्चे की कल्पनाशीलता के कितने अच्छे परिणाम हैं.”
सरकार दे रही आइडिया पर ही 10 हजार रुपए
एमएसएमई मंत्री चैतन्य कश्यप कहते हैं कि “प्रदेश में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. सरकार ने ग्लोबल समिट के दौरान स्टार्टअप पॉलिसी 2022 लॉन्च की थी और इसके जरिए नवाचारों को प्रोत्साहित किया जा रहा है. नए विचारों के साथ स्टार्ट अप शुरू करने वाले उद्यमियों को इन्क्यूबेशन सेंटर के जरिए 10 हजार रुपए की प्राथमिक सहायता दी जा रही है. प्रदेश में कृषि, उद्यमिता, नगरीय निकायों में नवाचारों को बढ़ावा दिया जा रहा है.”
एक दिन में तैयार कर सकते हैं कंपनी
मुख्य सचिव अनुराग जैन कहते हैं कि “प्रदेश में स्टार्ट अप को अलग-अलग तरह के अनुदान के साथ कंपनी स्थापित करने में भी मदद की जा रही है. प्रदेश में अब सिर्फ एक दिन में कोई कंपनी शुरू हो सकती है. राज्य सरकार युवाओं के साथ नए आइडियाज पर काम करने के लिए हमेशा तैयार है. औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव के मुताबिक मध्य प्रदेश में 6500 से ज्यादा रजिस्टर्ड स्टार्टअप संचालित हो रहे हैं. इसमें 3100 से ज्यादा स्टार्टअप को महिलाएं संचालित कर रही हैं. सरकार की कोशिश इस संख्या को 10 हजार तक पहुंचाने की है.”
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