Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Congress Election Result: अभिषेक चौधरी को मिले सबसे ज्यादा 6.15 लाख वोट, राजस्थान यूथ कांग्रेस अध्यक... Rajasthan Kinnar House Theft: पुरानी रंजिश की आशंका के तहत पुलिस कर रही जांच, अज्ञात आरोपियों की तला... Chimur Ashramshala Controversy: डैंड्रफ की समस्या के नाम पर छात्रों के साथ अजीब सलूक, वायरल तस्वीरों... BJP vs Shinde Sena: नागपुर में बीजेपी के सामने बागी पूर्व विधायक की चुनौती, सीटों के बंटवारे के बाद ... Ulhasnagar Mahayuti Crisis: महाराष्ट्र में महायुति में पड़ी फूट! बीजेपी ने शिंदे सेना से अलग होने का... CM Vishnu Deo Sai Singapore Visit: छत्तीसगढ़-सिंगापुर साझेदारी से खुलेंगे विकास के नए रास्ते, ग्रीन ... Chhattisgarh PMAY Success: छत्तीसगढ़ में बिना सरकारी खर्च के मिली 25,413 आवासों के लिए जमीन, केंद्र ... Kanker Divyang Camp: जगदलपुर में 7 अक्टूबर को लगेगा निःशुल्क दिव्यांग शिविर, कलेक्टर कुन्दन कुमार ने... Raipur Police Reshuffle: मुख्यमंत्री और राजभवन सुरक्षा में बदले गए अधिकारी, गृह विभाग ने जारी किया न... Sahibganj Murder Mystery Solved: साहिबगंज में गौरचंद्र बागती हत्याकांड का खुलासा, चचेरा भाई ही निकला...

बच्चों के गायब होने के विरोध में रांची में धुर्वा बंद, दिखा व्यापक असर, मासूमों का अब तक नहीं मिला कोई सुराग

35

रांची: दो मासूम भाई बहनों को खोज पाने में रांची पुलिस लगातार विफल दिख रही है. जिसके खिलाफ अब जनआक्रोश सामने आने लगा है. रविवार को दोनों मासूम बच्चों के रहस्यमय रूप से गायब होने के विरोध में स्थानीय लोगों ने धुर्वा बंद रखा. जिसका व्यापक असर देखने को मिल रहा है. धुर्वा में बंद का असर दिख रहा है.

पुलिस के हाथ खाली

दरअसल, दो मासूम भाई-बहन अंश और अंशिका के रहस्यमय परिस्थितियों में गायब होने और पुलिस द्वारा 9 दिन बीत जाने के बाद भी दोनों बच्चों का कोई सुराग नही मिलने से अब जनता के बांध का सब्र टूटने लगा है. इसे लेकर जगह जगह आंदोलन हो रहे हैं. इसी कड़ी में रविवार को धुर्वा बंद का एलान भी पूर्णत सफल नजर आया.

पुलिस की कार्यशैली पर सवाल

बच्चों के लापता होने के विरोध में स्थानीय लोगों द्वारा धुर्वा बंद का ऐलान किया गया था. बंद के समर्थन में कुछ लोग सड़क पर उतरे तो उन्होंने देखा कि धुर्वा तो स्वतः ही बंद है. धुर्वा में मेडिसिन स्टोर छोड़कर सभी दुकानें बंद रही. क्योंकि स्थानीय लोगों में पुलिस के खिलाफ आक्रोशित है. सभी का कहना है कि पुलिस ने मामले में घोर लापरवाही बरती है. लोगों का मानना है कि 2 तारीख को बच्चे गायब हुए थे लेकिन पुलिस चार जनवरी को एक्टिव हुई. गायब बच्चों को लेकर केवल धुर्वा ही नहीं बल्कि पूरा रांची शहर एकजुट हो चुका है. यही वजह है कि धुर्वा स्थित लगभग 200 से ज्यादा दुकानें बंद है.

न के बराबर चले सभी वाहन

धुर्वा बंद को लेकर सड़कों पर वाहन का परिचालन भी पूरी से ठप रहा. आंदोलन को लीड कर रहे आरजेडी नेता कैलाश यादव ने बताया कि आम लोग सदमे में हैं और उनमें भारी आक्रोश है. पुलिस केवल आश्वासन दे रही है. बच्चे कहा है? इसका उन्हें अभी तक कोई सुराग नही मिल पाया है. वही धुर्वा के स्थानीय लोगों ने खुद ही बंद का समर्थन किया है.

दो जनवरी से लापता है दोनों बच्चें

दरअसल, दो जनवरी के दिन रहस्यमय तरीके से भाई-बहन अंश (5 वर्ष) और अंशिका (4 वर्ष) गायब हो गए थे. उन्होंने ढूंढने के लिए रांची पुलिस का पूरा महकमा लगा हुआ है लेकिन बावजूद इसके नौ दिन बीत जाने के बाद भी दोनों बच्चों का कोई सुराग नही मिला है. रांची पुलिस ने बच्चों को खोज निकालने के लिए इनाम की राशि की भी घोषणा कर दी है. बच्चों का पता बताने वाले को 51 हजार की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी. इसके साथ ही बच्चों की फोटो और पुरस्कार राशि के साथ रांची के विभिन्न इलाकों में पोस्टर चस्पा किए गए हैं.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.