हिमालय की चोटियों को निहारने का सपना होगा पूरा: 14 जनवरी से शुरू हो रही हैं उड़ानें, पर्यटकों के लिए ‘हेली-टूरिज्म’ का तोहफा
हिमाचल प्रदेश में हवाई संपर्क को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार की तरफ से एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है. केंद्र सरकार की ‘क्षेत्रीय संपर्क योजना’ उड़ान के तहत हेरिटेज एविएशन 14 जनवरी से शिमला के संजौली से भुंतर (कुल्लू) और रिकांगपिओ के बीच नियमित हेलीकॉप्टर सेवाएं शुरू करने जा रही है. इससे दूरदराज वाले इलाकों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी. साथ ही पर्यटक हिमालय की चोटियां निहार सकेंगे.
गुरुवार को शिमला से रिकांगपिओ के बीच की ट्रायल उड़ान सफल रही. हेरिटेज एविएशन के संस्थापक और सीईओ रोहित माथुर ने बताया कि शिमला-भुंतर रूट पर प्रतिदिन दो उड़ानें चलेंगी, जिनका टिकट किराया प्रति यात्री 3,500 रुपये रहेगा, जबकि शिमला-रिकांगपिओ रूट पर प्रारंभ में रोज एक उड़ान संचालित होगी, जिसका किराया 4,000 रुपये तय किया गया है. दोनों रूट पर ट्रायल लैंडिंग सफल रही है.
छह सीटर हेलीकॉप्टर
इस दौरान राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा भी की गई. रोहित माथुर ने कहा कि हेरिटेज एविएशन वर्तमान में उत्तराखंड में उड़ान योजना के तहत प्रतिदिन 11 शहरों और कस्बों को जोड़ रही है. हिमाचल सरकार ने इन सेवाओं को शुरू करने के लिए पूरी सहायता करने का वादा किया है. शिमला-भुंतर और शिमला-रिकांगपिओ रूट पर छह सीटर एयरबस H-125 हेलीकॉप्टर का संचालन किया जाएगा.
मिनटों में पूरा होगा सफर
जानकारी के मुताबिक, हिमाचल में यह हेरिटेज एविएशन कंपनी की पहली दैनिक हेलीकॉप्टर सेवा होगी, जो पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को समय की बचत के साथ सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प देगी. हेलीकॉप्टर सेवा से शहरों से गांवों की दूरी कम हो जाएगी. घंटों का सफर महज कुछ मिनटों में ही पूरा हो जाएगा. बता दें कि हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक हिमाचल पहुंचते हैं. हेलीकॉप्टर सेवा शुरू होने से सबसे ज्यादा फायदा पर्यटन क्षेत्र को भी होगा. इससे न सिर्फ सरकार का रेवेन्यू बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय व्यापारियों को भी बढ़ावा मिलेगा.
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