Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
अविश्वास प्रस्ताव से पहले PM मोदी का विपक्ष पर बड़ा प्रहार! बोले- 'ओम बिरला अहंकारी उत्पाती छात्रों ... Chitrakoot School News: पढ़ाई की जगह छात्राओं से मसाज कराने वाली प्रधानाध्यापिका निलंबित, जांच के बा... ईरान-इजराइल जंग से नहीं महंगी होगी पेट्रोल-डीजल की कीमतें! भारत सरकार का बड़ा बयान- 'हमारे पास है ते... अन्ना हजारे ने PM मोदी को लिखी चिट्ठी! मिडिल ईस्ट की जंग देख भावुक हुए अन्ना, बोले- 'शांति के लिए पह... अमित शाह की हुंकार! 'केदारनाथ से कन्याकुमारी तक चुन-चुनकर बाहर होंगे घुसपैठिये', जन-जन की सरकार समार... Purnia Crime News: पूर्णिया में बुजुर्ग महिला से दरिंदगी, हत्या के बाद शव से रेप और फिर पेड़ से लटका... IPS Anshika Verma Wedding: आईपीएस अंशिका वर्मा और केके बिश्नोई जल्द बंधेंगे शादी के बंधन में, सोशल म... UPSC Result में 'हमशक्ल' नाम का खेल! 301वीं रैंक पर दो आकांक्षा सिंह का दावा, जानें कौन है असली अफसर... जींद में रोंगटे खड़े कर देने वाला कांड: रंग फैक्ट्री में लगी आग, बाहर से ताला लगा होने के कारण 4 महि... Bihar Politics: निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री पर उपेंद्र कुशवाहा का रुख साफ, बोले- JDU के अस्ति...

328 पवित्र सरूपों का मामला: एसजीपीसी पर काबिज गुट की चुप्पी ‘गुनाह’ की गवाही: कुलतार सिंह संधवा

8

चंडीगढ़: पंजाब विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवा ने 328 पवित्र सरूपों के गायब होने के संवेदनशील मामले पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) पर काबिज गुट की आलोचना करते हुए कहा कि एक तरफ तो एसजीपीसी पर काबिज गुट दावा कर रहा है कि ईशर सिंह कमेटी और आंतरिंग कमेटी ने दोषियों के खिलाफ साफ कार्रवाई की सिफारिश की थी, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि उन सिफारिशों को आज तक लागू क्यों नहीं किया गया? क्या यह मान लिया जाए कि कार्रवाई न करना आरोपियों को सुरक्षित रास्ता देने की राजनीतिक राजिश थी?

संधवा ने तीखा हमला करते हुए पूछा कि क्या आरोपी इतने प्रभावशाली थे या अपने ही ग्रुप के थे कि उन्हें सज़ा देने के बजाय पंथक मर्यादा को ताक पर रख दिया गया? उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि सिख कौम की भावनाओं और नैतिकता से ऊपर राजनीतिक हितों को रखा गया है। अगर रिपोर्ट में सब कुछ साफ था, तो संगत से जानबूझकर सच छिपाने के पीछे क्या मजबूरी थी? यह चुप्पी सीधे तौर पर दोषियों की पीठ थपथपाने के बराबर है।

उन्होंने आगे कहा कि अगर जांच कमेटियों की रिपोर्ट सही थी, तो उन पर कार्रवाई न करना एक गंभीर पंथक अपराध है, जिसके लिए मौजूदा एसजीपीसी नेता सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं और अगर वे रिपोर्ट गलत थीं, तो सिख जगत को आज तक असली सच से क्यों दूर रखा गया? एसजीपीसी की इस दोहरी नीति ने संगठन की साख को बहुत बड़ा झटका दिया है, जिसका जवाब संगत को देना होगा।

संधवा ने स्प्ष्ट किया कि आज सिख समुदाय को यह जानने का पूरा हक है कि इंसाफ में रुकावट डालने के पीछे कौन सी ताकतें थीं। सवाल सिर्फ सिफारिशें करने वालों का नहीं है, बल्कि उन्हें रोकने वाले हाथों का भी है । उन्होंने चेतावनी दी कि पवित्र स्वरूपों की बेअदबी और लापरवाही के मामले में चुप रहने वाले और आरोपियों को पनाह देने वाले इतिहास के कटघरे में हमेशा गुनहगार बने रहेंगे।

पंजाब में “युद्ध नशे विरूद्ध” का दूसरा चरण शुरू- केजरीवाल

– पंजाब की जनता एकजुट होकर नशे को जड़ से खत्म करेगी – केजरीवाल

– अभियान का पहला चरण सफल रहा, अब दूसरे चरण में 10 से 25 जनवरी तक गांव-गांव में पदयात्रा निकाली जाएगी- केजरीवाल

– विलेज डिफेंस कमेटियों के लिए मोबाइल एप और मिस्ड कॉल से अभियान से जुड़ने के लिए 9899100002 नंबर जारी – केजरीवाल

– अकाली दल की सरकार में मंत्री-नेता तस्करी करवाते थे, कांग्रेस सरकार में भी नशा तस्करों को संरक्षण मिलता था – केजरीवाल

-“आप” सरकार ने पंजाब को नशा मुक्त बनाने का संकल्प लिया है, अब तक 28 हजार केस दर्ज हुए और 42 हजार तस्कर पकड़े गए – केजरीवाल

– गुजरात में हजारों क्विंटल नशा आने पर भी कोई पकड़ा नहीं जाता, लेकिन “आप” सरकार एंटी ड्रोन लगाकर नशा पकड़ती है – भगवंत मान

– “आप” के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और सीएम भगवंत मान ने युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान के दूसरे चरण का किया आगाज

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

Please Pay your remaining balance to remove this banner !
इस बैनर को हटाने के लिए कृपया अपनी बकाया राशि का भुगतान करें !