Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Pregnant Woman Murder Case: पाटन थाना क्षेत्र के रानीताल पुलिया की घटना, पुलिस ने तीन आरोपियों को कि... Madhya Pradesh Crime & Accident: जिला अस्पताल में घायलों का चल रहा इलाज, पुलिस पेट्रोलिंग टीम की सूझ... Madhya Pradesh Police Action: सीसीटीवी फुटेज आया सामने, जमीन विवाद के चलते ज्योति चौरसिया की हत्या क... Kranti Gaud Bageshwar Dham: पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने गोल्ड मेडलिस्ट क्रिकेटर को दी बधाई, घुव... Amit Shah Minute-to-Minute Schedule: स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण और डेयरी प्रोडक्ट्स प्लां... MP Politics: "हम दो, हमारे पांच" का नारा देकर सुर्खियों में आए खरगोन-बड़वानी सांसद, जिम की जगह अखाड़... Madhya Pradesh Coal Mines: उमरिया कालरी के इतिहास और रोजगार पर मंडराए संकट को लेकर उग्र हुआ आंदोलन ATRI Campus Bhopal & Dairy Plant: सीएम डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में होगा एमओयू, ड्रोन और एआई तकनीक प... Swami Prasad Maurya Joins INDIA Alliance: राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी के अध्यक्ष ने कांग्रेस दफ्तर म... Bareilly Murder Mystery Solved: भमोरा थाना क्षेत्र के कुड्डा गांव में मां की हत्या का आरोपी दूसरा बे...

कर्ज के बोझ से मिलेगी मुक्ति: अंगारका संकष्टी पर आज जरूर करें ये 5 अचूक उपाय, बरसेगी बप्पा की कृपा

25

हिंदू पंचांग के अनुसार संकष्ट चतुर्थी भगवान गणेश का एक पर्व है जो हर महीने मनाया जाता है. इसे संकष्ट चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है. यह संकष्ट चतुर्थी पूर्णिमा के चौथे दिन पड़ती है. यदि यह संकष्ट चतुर्थी मंगलवार को पड़ती है, तो इसे अंगारका संकष्ट चतुर्थी कहा जाता है. यही नहीं, ये साल में पड़ने वाली सकट चतुर्थी भी है. दरअसल, वर्ष की शेष संकष्ट चतुर्थियों में से अंगारका संकष्ट चतुर्थी को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है.

इस दिन महिलाएं अपने बच्चों की दीर्घायु, परिवार की सुख-समृद्धि और समृद्धि के लिए व्रत रखती हैं. इस वर्ष शुभ संकष्टी चतुर्थी का व्रत मंगलवार यानी 6 जनवरी को रखा जा रहा है. विद्वानों का कहना है कि यह दिन बहुत ही दुर्लभ है. इस दिन की जाने वाली पूजा विधि और व्रत के फल के बारे में पूरी जानकारी यहां प्राप्त करें.

आज सुबह 11:37 बजे से कल बुधवार 7 तारीख तक संकट हरने वाली चतुर्थी मनाई जाएगी. यह चतुर्थी उस दिन मनाई जाती है जब चतुर्थी तिथि को चंद्रमा उदय होता है. मंगलवार को पड़ने वाले इस दिन को अंगारका संकट हर चतुर्थी कहा जाता है. इसके साथ ही भाद्रकाल भी होता है. भाद्रकाल पूजा-अर्चना या शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त नहीं होता इसलिए विद्वानों का कहना है कि भाद्रकाल में पूजा-अर्चना या संकल्प आदि नहीं करना चाहिए. इस दिन व्रत रखने वालों को शुभ मुहूर्त में पूजा-अर्चना करनी चाहिए. चंद्रमा उदय होने के बाद रात में चंद्रमा को देखकर और अर्घ्य देकर ही व्रत तोड़ना चाहिए. इस प्रकार संकष्टहारा चतुर्थी का व्रत पूर्ण होता है.

चंद्रमा की पूजा से बाधाएं होती हैं दूर

संकष्टहारा चतुर्थी के दिन भक्तगण, विशेषकर महिलाएं श्रद्धापूर्वक भगवान गणेश की पूजा करती हैं. वे दिनभर उपवास भी रखती हैं. शाम को, चंद्रमा उदय होने के बाद वे चंद्रमा के दर्शन करके उपवास तोड़ती हैं. इस दिन भगवान गणेश और चंद्रमा की पूजा करने से कार्य में आने वाली बाधाएं, आर्थिक समस्याएं और ऋण संबंधी परेशानियां दूर होती हैं. ऐसा माना जाता है कि इससे जीवन में सकारात्मकता आती है.

अंगारका संकष्टी पर शाम की पूजा

रात्रि में चंद्रमा उदय होने पर चंद्रदेव को जल, अक्षत (चावल), चंदन और फूल अर्पित करें. उनको नमस्कार करें और गणेश की कथा सुनें या पढ़ें. साथ ही चंद्रमा के दर्शन और पूजा के बाद ही व्रत खोलें. व्रत खोलते समय मोदक फल आदि प्रसाद खाएं और पानी पिएं.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.