अमृतसर: जिले में विजिबिलिटी जीरो होने के चलते रेल और रोड ट्रैफिक पर बड़ा असर देखने को मिल रहा है। बॉर्डर शहर अमृतसर और उसके आस-पास के इलाकों में आज इस मौसम का सबसे घना कोहरा देखा गया। सुबह जीरो विजिबिलिटी की वजह से जहां आम जिदगी की रफ़्तार धीमी रही, वहीं कड़ाके की ठंड ने लोगों को घरों में रहने पर मजबूर कर दिया। मौसम में इस बदलाव ने जहां यात्रियों के लिए मुश्किलें खड़ी की हैं, वहीं गर्म कपड़ों के लिए बाजार में रौनक भी बढ़ा दी है।
रेलवे और बस स्टैंड पर यात्रियों की भीड़ बढ़ी
घने कोहरे का सबसे ज़्यादा बुरा असर रेलवे सर्विस पर देखा गया। नॉर्थ इंडिया में कोहरे की वजह से अमृतसर आने वाली लगभग सभी मेन ट्रेनें अपने तय समय से काफी देर से पहुंचीं। रेलवे सूत्रों के मुताबिक, शान-ए-पंजाब और सचखंड एक्सप्रेस 3 से 4 घंटे लेट चल रही हैं, जबकि हावड़ा मेल और अमृतसर मेल जैसी लंबी दूरी की ट्रेनें 6 से 8 घंटे लेट चल रही हैं। रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ देखी गई, जो कड़ाके की ठंड में ट्रेनों का इंतजार करते दिखे।
बस स्टैंड पर भी यही हाल था। हाईवे पर विजिबिलिटी कम होने की वजह से बसों की स्पीड बहुत धीमी रही। दूर के शहरों से आने वाली बसें देर से पहुंचीं, जिससे यात्रियों को बस स्टैंड पर परेशानी उठानी पड़ी। हालांकि, प्रशासन ने लोगों से कोहरे में पूरी सावधानी से गाड़ी चलाने की अपील की है।
श्री दरबार साहिब में श्रद्धालुओं का सैलाब
कड़ाके की ठंड और जीरो विजिबिलिटी के बावजूद सचखंड श्री दरबार साहिब के आध्यात्मिक केंद्र में माथा टेकने वाले श्रद्धालुओं के आने में कोई कमी नहीं आई। सुबह से ही हजारों श्रद्धालु पवित्र सरोवर में डुबकी लगाते और भगवान के भजन सुनते दिखे। श्रद्धालुओं का उत्साह ऐसा था कि ठंड के बावजूद श्री दरबार साहिब की परिक्रमा और बाहरी बाजारों में भारी भीड़ उमड़ती रही।
गर्म कपड़ों के बाजारों में बिक्री बढ़ी
मौसम में बदलाव दुकानदारों के लिए अच्छी खबर लेकर आया है। शहर के मुख्य बाज़ारों जैसे पुतलीघर, हाल बाजार और कटरा जैमल सिंह में गर्म कपड़ों की दुकानों पर ग्राहकों की भारी भीड़ देखी गई। जैकेट, स्वेटर, हॉट आयरन और कंबल की डिमांड में अचानक बढ़ोतरी हुई है। दुकानदारों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से मंदी थी, लेकिन आज के कोहरे और ठंड ने बिजनेस को बढ़ावा दिया है।
बारिश और कोहरे से बीमारियों में राहत
हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, हाल ही में हुई बारिश और अब पड़ रहे घने कोहरे ने एनवायरनमेंट से धूल और पॉल्यूशन के पार्टिकल्स को साफ कर दिया है। इससे सूखी ठंड से होने वाली बीमारियां जैसे खांसी, गले में खराश और स्किन एलर्जी काफी हद तक कम हो गई हैं। डॉक्टरों का मानना है कि इस मौसम में सांस के मरीजों को कुछ राहत मिल सकती है क्योंकि एयर पॉल्यूशन कम हो गया है। हालांकि, उन्होंने बच्चों और बुजुर्गों को सीने में जकड़न से बचने के लिए गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी है।
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