Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Dhamtari Maratha Community: मराठा पारा में जीवंत हुई सदियों पुरानी संस्कृति; महालक्ष्मी पूजा में उमड... Chhattisgarh CM Visit: रायगढ़ के बनोरा आश्रम में सीएम साय ने खाया पंगत में प्रसाद; 8 एकड़ में बने आध... Ranchi TB Free Mission: टीबी मुक्त झारखंड के लिए NHM की बड़ी पहल; 350 NCC कैडेट्स बने 'माई भारत वॉलि... Katras Coalfield Threat: धनबाद में भू-धंसान प्रभावित परिवारों को अटल क्लिनिक में मिली शरण; बेलगड़िया... Surender Koli Death Mystery: हरिद्वार में मृत मिले सुरेंद्र कोली को लेकर पीड़ित परिवार का आरोप, 'जान... FDA Alert Maharashtra: इंदौर की कंपनी द्वारा निर्मित पैरासिटामोल व टेल्मिसर्टन टैबलेट्स की जांच रिपो... Beneshwar Dham News: डूंगरपुर में भारी बारिश से टापू बना प्रसिद्ध बेणेश्वर धाम; त्रिवेणी संगम उफान प... Maharashtra Railway Infrastructure: मुकुटबन-गडचांदूर के बीच बनेगी 38 किमी नई रेल लाइन; ₹493 करोड़ की... UP Crime & Accident News: तेज रफ्तार कार बिजली के खंभे और पेड़ से टकराई, दो दोस्तों की दर्दनाक मौत स... Surender Koli Suicide News: निठारी कांड के चर्चित आरोपी सुरेंद्र कोली की संदिग्ध मौत, हरिद्वार में ल...

हजारीबाग में सड़क पर उतरे स्ट्रीट डॉग्स लवर, वैकल्पिक व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग

30

हजारीबाग: हजारीबाग के स्ट्रीट डॉग लवर्स सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर फिर से विचार करने के लिए हस्ताक्षर अभियान चला रहे हैं. जिले के झील परिसर पर हजारीबाग के युवाओं ने यह मांग की है कि आवारा कुत्तों के समस्या के निजात के लिए कोई ऐसा कदम उठाए जो उनके जीवन के लिए घातक ना हो. सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों को सड़क से हटाकर शेल्टर होम भेजने का आदेश निर्गत किया है.

सार्वजनिक सुरक्षा के लिए सार्वजनिक स्थल से आवारा कुत्तों और मवेशियों को हटाते हुए शेल्टर होम में रखने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर फिर से विचार करने की जन वकालत शुरू हो गई है. स्ट्रीट डॉग लवर्स का तर्क है कि इस आदेश से बेजुबान जानवरों के जीवन पर संकट खड़ा हो जाएगा.

स्ट्रीट डॉग लवर्स ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की है कि इस फैसले पर पुनर्विचार किया जाए. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने आदेश तो दे दिया कि स्ट्रीट डॉग्स को उठाकर शेल्टर में रखा जाए, लेकिन सच्चाई यह है कि देश भर में अभी ऐसे शेल्टर होम ही मौजूद नहीं हैं, जहां लाखों की संख्या में इन कुत्तों को रखा जा सके.

नगर निगम या अन्य संस्था के पास आवारा कुत्तों को रखने के लिए व्यवस्थित बुनियादी ढांचा नहीं है. किसी जगह पर कुत्तों को एक साथ बंद कर दिया गया तो उनके बीच आपसी संघर्ष और बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ जाएगा. उन्होंने कहा कि वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार करना चाहिए. डॉग लवर का कहना है कि इनकी संख्या में नियंत्रण करने के लिए सरकार को कदम उठाना चाहिए न कि इन्हें शेल्टर होम में रखने की व्यवस्था करनी चाहिए. आवारा पशुओं की नसबंदी टीकाकरण अनिवार्य करना इसका एक मात्र समाधान है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.