Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

“इतिहास हमें माफ नहीं करेगा”: वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले पर मनोज झा का भारत सरकार को कड़ा संदेश

4

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिका द्वारा पकड़े जाने पर आरजेडी नेता मनोज झा ने कहा कि यह खुलेआम हमला है. एक संप्रभु देश पर हमला है. अगर हम यह साफ-साफ नहीं कह सकते, तो हम अपनी विरासत भूल गए हैं. उन्होंने कहा कि इतिहास भी शायद हमें माफ नहीं करेगा, क्योंकि हम अभी भी ‘अगर’ और ‘लेकिन’ का इस्तेमाल कर रहे हैं. ये हमारा भारतवर्ष नहीं है.

भारत हमेशा ऐसा देश रहा है जब 1952-54 में भी ऐसा एग्रेशन होता था तो ये नहीं देखता था कि कौन सा पोल ये कर रहा है. चिंता का सबब ये है कि साल के शुरुआती दिनों में, और बहाना क्या दिया जा रहा कि ड्रग का नेटवर्क है. ये सब के सब एक दिन के स्क्रूटनी में नहीं ठहर पाएंगे. मूलत:उनकी नजर वेनेजुएला के तेल पर है, वहां के संसाधनों पर नजर है.

पूरी दुनिया को इसके बारे में चिंता होनी चाहिए

AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर RJD सांसद मनोज झा ने कहा कि यह इस बात का मौका नहीं है. सवाल वेनेजुएला के बारे में है. यह उस तरह की दादागिरी है जो हम सामंती समाजों में देखते थे. उन्होंने कहा कि आपने बिना किसी उकसावे के एक देश पर हमला किया, सच तो यह है कि यह एक संप्रभु देश पर खुला हमला है.

पूरी दुनिया को इस बारे में चिंतित होना चाहिए क्योंकि कोई भी अंतर्राष्ट्रीय कानून इसकी इजाज़त नहीं देता. उन्होंने कहा कि 1952, 1954 और 1957 में जब भी दुनिया में कुछ हुआ, तब हम इतने समृद्ध नहीं थे, लेकिन हमने मजबूती से अपना रुख रखा. चाहे किसी भी सरकार की सत्ता रही हो, हमारी विदेश नीति ने इन मामलों पर कभी भी गोलमोल बात नहीं की.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.