बेमेतेरा में धान खरीदी में मंडरा रहा संकट, सहकारी समितियों में नहीं बची जगह, धीमी गति से हो रहा उठाव
बेमेतरा : बेमेतरा जिला में 129 धान खरीदी केंद्रों के माध्यम से धान खरीदी का काम जारी है. लेकिन धान खरीदी के बावजूद परिवहन व्यवस्था का काम तेजी से नहीं हो पा रहा है. कछुआ चाल से चल रही परिवहन व्यवस्था से समितियां में बफर लिमिट से कई गुना धान डंप हुआ है. जिससे कभी भी धान खरीदी प्रभावित हो सकती है. वही धान की बंपर आवक और परिवहन की समस्या से किसान और समिति दोनों परेशान हैं.
लिमिट नहीं बढ़ी तो तय सीमा में नहीं होगी धान खरीदी
धान की धीमी परिवहन के अलावा बेमेतरा जिला में धान खरीदी में दूसरी सबसे बड़ी परेशानी तय लिमिट की है. जहां लिमिट कम होने की वजह से धान खरीदी का कार्य धीमी गति से चल रहा है,वहीं किसानों को टोकन मिलने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है.किसानों को समितियों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं.वहीं शासन ने 31 जनवरी तक धान खरीदी का समय तय किया है, लेकिन मौजूदा स्थिति को देखते हुए ये कहना गलत नहीं होगा कि 31 जनवरी तक सभी किसान अपना धान बेच पाएंगे.इसलिए धान खरीदी की तारीख बढ़ाई जा सकती है.
सेवा सहकारी समिति अध्यक्ष संघ ने की मुलाकात
बेमेतरा जिला में सेवा सहकारी समिति अध्यक्ष संघ ने बेमेतरा कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगई से मुलाकात की है. वही धान खरीदी की लिमिट में बढ़ोतरी करने और धान के परिवहन सेवा सहकारी समितियां से तेजी से करने का अपील की है. सेवा सरकारी अध्यक्ष संघ किसान नेता योगेश तिवारी एवं जिला पंचायत के अध्यक्ष कल्पना तिवारी के नेतृत्व में कलेक्टर पहुंचा था.जहां डिप्टी कलेक्टर ने किसानों को आश्वासन दिया है कि मिलर्स से मीटिंग की गई है,उन्हें तेजी से धान उठाव करने के लिए निर्देशित किया गया है.50 फीसदी धान उठाव का भी नहीं कट सका डीओ
बेमेतरा जिला में 102 सेवा सहकारी समितियों के 129 धान उपार्जन के माध्यम से धान खरीदी होती है. अब तक 44 लाख क्विंटल धान का खरीदी हुई है.वहीं 20 लाख क्विंटल का धान उठाव के लिए डीओ कट चुका है. लेकिन धान उठाव की बात करें तो सिर्फ 14 लाख क्विंटल धान का उठाव ही समितियों से मिलर्स ने किया है. सेवा सहकारी समितियों में धान का अंबार लगा है.यदि अब भी तेजी से परिवहन नहीं हुआ तो स्थान और रैक के अभाव में धान खरीदी बंद हो सकती है.
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