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उमर खालिद के लिए अमेरिकी सांसदों की लॉबिंग: भारत को लिखा पत्र, 5 साल की जेल पर उठाए सवाल

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जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) के पूर्व छात्र और सोशल एक्टिविस्ट उमर खालिद लंबे समय से जेल में बंद हैं. इसी के बाद अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उमर खालिद को रिहा करने की मांग उठ रही है. जहां न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी का उमर खालिद को लिखा एक लेटर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वहीं, दूसरी तरफ अमेरिका के 8 सांसदों ने भारत सरकार को एक लेटर लिखकर उमर खालिद को इंटरनेशनल कानून के मुताबिक जमानत देने और निष्पक्ष सुनवाई करने की अपील की है.

8 सांसदों ने वॉशिंगटन में भारतीय राजदूत को पत्र लिखकर सोशल एक्टिविस्ट उमर खालिद की लगातार हिरासत को लेकर नई दिल्ली पर दबाव डाला है. उमर खालिद भारत के आतंकवाद-रोधी कानून के तहत बिना मुकदमा चले 5 साल से अधिक समय से जेल में बंद हैं.

सांसदों ने उठाए सवाल

जिम मैकगवर्न, जेमी रैस्किन,क्रिस वैन होलन,पीटर वेल्च,प्रमिला जयपाल,जैन शकाउस्की,राशिदा तलैब और लॉयड डॉगेट ने मिलकर यह पत्र लिखा. सांसद जिम मैकगवर्न और जेमी रैस्किन के नेतृत्व में यह लेटर लिखा गया. सांसदों ने भारत की लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति सम्मान पर जोर देते हुए सवाल उठाया कि गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत उमर खालिद की लंबी गिरफ्तारी अंतरराष्ट्रीय कानूनी मानकों के अनुरूप कैसे है.

साथ ही उन्होंने इस बात पर भी जवाब मांगा है कि उनकी गिरफ्तारी के 5 साल से ज्यादा समय बीत जाने के बावजूद अब तक उनका मुकदमा क्यों शुरू नहीं हुआ है.

उमर खालिद के माता-पिता से हुई मुलाकात

मैकगवर्न ने सोशल मीडिया पर भी इसको लेकर पोस्ट किया है. उन्होंने कहा कि उनकी वॉशिंगटन में उमर खालिद के माता-पिता से मुलाकात हुई थी. उन्होंने लिखा, इस महीने की शुरुआत में मेरी मुलाकात उमर खालिद के माता-पिता से हुई, जिन्हें भारत में बिना मुकदमे के 5 साल से ज्यादा समय से जेल में रखा गया है.

उन्होंने आगे कहा कि वो और रैस्किन अपने सहयोगी सांसदों के साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत उमर खालिद के लिए जमानत और सुनवाई की मांग कर रहे हैं.

क्यों हुई गिरफ्तारी?

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद को सितंबर 2020 में 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े कथित साजिश के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. इन दंगों में 53 लोगों की मौत हुई थी. अभियोजन पक्ष का आरोप है कि वो हिंसा भड़काने की एक व्यापक साजिश का हिस्सा थे, हालांकि उमर खालिद ने इन आरोपों से लगातार इनकार किया है.

दिल्ली की अदालत ने उनकी नियमित जमानत याचिकाएं बार-बार खारिज की हैं, हालांकि पारिवारिक कारणों से उन्हें कुछ समय के लिए अंतरिम जमानत दी गई है. हाल ही में दिसंबर 2025 में उन्हें अपनी बहन की शादी में शामिल होने के लिए अल्पकालिक रिहाई मिली थी.

मेयर जोहरान ममदानी ने भी लिखा पत्र

उमर खालिद को न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने भी पत्र लिखा. यह पत्र इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इसमें किसी तारीख का जिक्र नहीं है. इस पत्र में ममदानी ने कहा, उमर, मैं अक्सर कड़वाहट पर आपके शब्दों के बारे में सोचता हूं और इस बात की अहमियत को याद करता हूं कि उसे खुद पर हावी न होने दिया जाए. आपके माता-पिता से मिलकर बहुत अच्छा लगा. हम सभी आपके बारे में सोच रहे हैं.

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