Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
हरियाणवी इन्फ्लुएंसर शिखा राघव पर FIR: लेडी सरपंच के ट्रैक्टर पर बनाई थी वीडियो, छवि धूमिल करने का आ... कालकाजी में कूड़े के ढेर के पास मिले पूर्व नेवी डॉक्टर: अमेरिका में बैठी पत्नी-बेटे ने अंतिम संस्कार... कैथल में सर्पदंश से दो मासूमों की मौत: 3 साल की रंगोली और 11 वर्षीय हनी की गई जान, नागरिक अस्पताल मे... हिसार में सोनाली फोगाट के फार्म हाउस में हादसा: 10 फीट गहरे बंद स्विमिंग पूल में डूबने से 9 वर्षीय ब... पलवल के रजपुरा में दिल दहला देने वाली वारदात: पति ने पत्नी और 40 दिन के मासूम की गला घोंटकर की हत्या गोहाना नगर परिषद वाइस चेयरपर्सन के नवजात पोते की मौत: डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप, शौच द्वार न होने स... चरखी दादरी के लाल रवि प्रकाश बेंगलुरु में शहीद: 8 साल के बेटे ने दी मुखाग्नि, सैन्य सम्मान के साथ हु... हरियाणा में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 2 आईएएस अधिकारियों के तबादला एवं नियुक्ति आदेश जारी हरियाणा में 'आबादी देह नियम 2026' लागू: लाल डोरा भूमि के मालिकाना हक को मिली वैधानिक मजबूती हिसार कोर्ट गेट के बाहर सनसनीखेज गैंगवार: गैंगस्टर विनोद पानू उर्फ काना की 14 राउंड फायरिंग कर हत्या

बीजेपी शासित राज्यों में सुरक्षित नहीं बंगाली!” टीएमसी सांसद का बड़ा दावा— 1143 शिकायतों ने खड़ा किया बवाल

26

पश्चिम बंगाल प्रवासी कल्याण बोर्ड को पिछले 10 महीनों में बंगाली बोलने वाले प्रवासियों के खिलाफ उत्पीड़न की 1,143 शिकायतें मिली हैं. चेयरमैन समीरुल इस्लाम ने बीजेपी शासित राज्यों में दुर्व्यवहार के आरोपों के बीच यह बात कही. उन्होंने कहा कि बोर्ड ने सभी शिकायतों पर ध्यान दिया है. मीडिया से बातचीत के दौरान तृणमूल कांग्रेस राज्यसभा सांसद समीरुल ने कहा कि जहां बंगाल के बाहर से लगभग 1.3 करोड़ प्रवासी मजदूर राज्य में सुरक्षित हैं, वहीं देश भर में अनौपचारिक क्षेत्रों में काम करने वाले लगभग 30 लाख बंगाली प्रवासियों को कई बीजेपी शासित राज्यों में उत्पीड़न का सामना करना पड़ा है.

इस्लाम ने कहा कि धमकी हमले से लेकर शारीरिक और मौखिक दुर्व्यवहार और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने तक बोर्ड को 1,143 शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न की शिकायतें मिली हैं. बीजेपी शासित राज्यों में बंगाली बोलने के शक में लगभग 95 लोगों को बांग्लादेशी होने के संदेह में हिरासत में लिया गया था, लेकिन उनमें से सभी भारतीय निकले.

ये संघीय ढांचे पर हमला है

इस्लाम ने कहा कि ओडिशा सहित एक और बीजेपी शासित राज्य में दो अन्य प्रवासियों की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, जबकि तीसरे का कान काट दिया गया. उन्होंने कहा कि प्रवासन एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है. लोग देश में कहीं भी नौकरी के लिए जाने के लिए स्वतंत्र हैं. इनमें से ज्यादातर मजदूर असंगठित क्षेत्र से हैं. ऐसे हमले हमारे संघीय ढांचे पर हमला हैं और इन्हें बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि वह मार्च से इस मुद्दे को उठा रहे हैं.

यह कहते हुए कि देश की 38 प्रतिशत आबादी प्रवासी है, इस्लाम ने कहा कि प्रवासन कोई अपराध नहीं है. अगर कोई बांग्लादेशी घुसपैठिया साबित होता है, तो कानूनी कार्रवाई शुरू की जानी चाहिए. क्या बीजेपी शासित राज्यों में बंगाली विरोधी अभियान के पीड़ितों की तरफ से ले जाए गए डॉक्यूमेंट्स को सत्यापित करने का कोई प्रयास किया गया है? जवाब है नहीं. सिर्फ शक के आधार पर किसी को कैसे पीटा जा सकता है.

इस्लाम ने कहा कि बोर्ड ने सभी 1,143 प्रवासियों की मदद की है, उन्हें कानूनी सहायता प्रदान की है या उन्हें पश्चिम बंगाल वापस लाया है, जिसमें ओडिशा से 546, हरियाणा से 236, राजस्थान से 110 और महाराष्ट्र से 62 लोग शामिल हैं.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.