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जमीन के लिए ‘कलयुगी’ बना बेटा! वैशाली में मां को मृत घोषित कर बेची जमीन, सच सामने आया तो फटी रह गईं सबकी आंखें

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बिहार में वैशाली जिले के हाजीपुर से एक चौंकाने वाले मामला सामने आया है. एक बेटे पर अपनी जीवित मां को मृत दिखाकर लाखों रुपये की जमीन बेचने का आरोप लगा है. पीड़ित मां कैलाश देवी ने आरोप लगाया है कि उनके बड़े बेटे ने धोखाधड़ी कर उनकी जमीन बेच दी. उन्होंने पहले हरलोचनपुर सुक्की थाना में शिकायत की थी. लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद वह अपने छोटे बेटे नंद किशोर सिंह के साथ हाजीपुर न्यायालय पहुंचीं.

कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए वैशाली के पुलिस अधीक्षक को प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई का निर्देश दिया. इस आदेश के बाद,12 सितंबर को नगर थाना, हाजीपुर में मामला दर्ज किया गया. पुलिस ने इस मामले में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

एफआईआर के अनुसार, कैलाश देवी उर्फ कैलसिया देवी खाता संख्या 529, खेसरा नंबर 325 और जमाबंदी संख्या 1252 में दर्ज जमीन की वैध मालिक हैं. वह नियमित रूप से बिहार सरकार को इस जमीन का लगान देती रही हैं.

जीवित होते हुए बता दिया मृत

आरोप है कि कैलाश देवी के बड़े बेटे नवल किशोर सिंह ने गांव के अरुण कुमार सिन्हा के साथ मिलकर यह साजिश रची. उन्होंने 03 जुलाई 2023 को हाजीपुर जिला निबंधन कार्यालय में एक फर्जी बिक्री विलेख (डीड संख्या 7523) तैयार कराया. इस विलेख में कैलाश देवी को मृत दर्शाया गया था, जबकि वह जीवित थीं.

कातिब की तलाश जारी

इस धोखाधड़ी में निबंधन कार्यालय की भूमिका भी संदेह के घेरे में है. आरोप है कि रजिस्ट्री के दौरान न तो दस्तावेजों की सही तरीके से जांच की गई और न ही स्थल सत्यापन किया गया. कातिब, गवाह, पहचानकर्ता, विक्रेता और क्रेता की मिलीभगत से यह फर्जी रजिस्ट्री पूरी कराई गई. पेशा ‘काश्तकारी’ दिखाकर इस पूरे कृत्य को वैध रूप देने का प्रयास किया गया. हाजीपुर जिला निबंधन कार्यालय के एक कातिब की भूमिका भी इस प्रकरण में संदिग्ध मानी जा रही है. पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि कातिब की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है.

नगर थाना पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों में कैलाश देवी का बड़ा पुत्र और विक्रेता नवल किशोर सिंह, क्रेता अरुण कुमार सिन्हा, मौदह बुजुर्ग निवासी पहचानकर्ता सुनील भगत और गवाह रामबाबू सहनी शामिल हैं.

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