“मनरेगा पर आर-पार की लड़ाई”: खरगे का मोदी सरकार को सीधा चैलेंज, बोले— “गरीबों का हक छीनने नहीं देगी कांग्रेस
कांग्रेस की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की शनिवार को बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में कांग्रेस के लगभग सभी दिग्गज शामिल हुए. शशि थरूर भी इस बैठक में शामिल हुए. बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) को खत्म किए जाने के खिलाफ देशव्यापी अभियान की जरूरत है.
मल्लिकार्जुन खरगे ने CWC बैठक में मोदी सरकार द्वारा मनरेगा को समाप्त करने को गरीबों पर ‘क्रूर वार’ बताया है. उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र, संविधान और नागरिक अधिकारों पर गंभीर संकट है. खरगे ने मनरेगा को महात्मा गांधी के ‘सर्वोदय’ विचार के खिलाफ बताया है. बैठक में तय किया गया कि 5 जनवरी से मनरेगा बचाओ अभियान की शुरुआत की जाएगी.
MGNREGA समाप्त करना महात्मा गांधी का अपमान- सोनिया
बैठक में राहुल और सोनिया गांधी भी शामिल हुए. सोनिया गांधी ने कहा कि MGNREGA को समाप्त करना, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का अपमान है. अब पहले से कहीं ज़्यादा ज़रूरी है कि हम एकजुट हों और उन अधिकारों की रक्षा करें जो हम सभी की रक्षा करते हैं. मोदी सरकार को गरीबों की चिंता नहीं, बल्कि चंद बड़े पूंजीपतियों के मुनाफे की ही चिंता है.
बिना अध्ययन के कर दी मनरेगा समाप्त- खरगे
बैठक को संबोधित करते हुए खरगे ने कहा कि मनरेगा UPA सरकार की एक दूरदर्शी योजना थी, जिसकी तारीफ पूरी दुनिया में हुई. इस योजना के प्रभाव के कारण ही इसका नाम महात्मा गांधी के नाम पर रखा गया था. उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने बिना किसी अध्ययन, मूल्यांकन या राज्यों और राजनीतिक दलों से परामर्श किए इस कानून को निरस्त कर दिया.
खरगे ने 3 कृषि कानूनों का उदाहरण देते हुए कहा कि कैसे विरोध के बाद सरकार को उन्हें वापस लेना पड़ा था. आज ऐसे ही विरोध की जरूरत है. इस योजना ने ग्रामीण भारत का चेहरा बदला है.
SIR से लोकतांत्रिक अधिकारों को कम करने की साजिश- खरगे
बैठक में खरगे ने SIR पर भी चिंता जाहिर की है. उन्होंने कहा कि SIR एक गंभीर चिंता का विषय है. यह लोकतांत्रिक अधिकारों को सीमित करने की एक सोची समझी साजिश है. बार-बार तथ्यों और उदाहरणों के साथ वोट चोरी का प्रमाण देश के सामने रखा है. बीजेपी और चुनाव आयोग की मिलीभगत जगजाहिर है. इसलिए हमें सुनिश्चित करना होगा कि हमारे वोटरों के नाम न काटे जाएं.
उन्होंने कहा कि हमें देखना होगा कि मतदाता सूची से गरीब और कमजोर तबकों के लोगों के खास तौर पर दलित, आदिवासी, अति पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्गों के नाम न कटने पाएं. न ही उन्हें दूसरे बूथों में TRANSFER किया जाए। इसके लिए हमारे BLAs को वोटर लिस्ट लेकर घर-घर जाना होगा. 2027 में जिन राज्यों में चुनाव होने हैं, वहां भी अभी से एकजुट होकर मतदाता सूचियों से लेकर सभी तैयारी में लग जाना चाहिए.
बांग्लादेश हिंसा पर जाहिर की चिंता
कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय पर हो रही हिंसा पर भी चिंता जाहिर की है. उन्होंने कहा कि साथियों, हाल के महीनों में बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हुए हमलों ने पूरे देश को चिंतित किया है. हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं.
आगे कहा कि एक और बात मेरे जेहन में आ रही है. दो दिन पहले Christmas के मौके पर कई इलाकों में बीजेपी, RSS और इनसे संबंधित संगठन के लोगों ने भाईचारा और सौहार्द बिगाड़ने का काम किया. इससे दुनिया के सामने हमारी छवि धूमिल हुई है.
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