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अब सिर्फ चेहरा नहीं, रणनीतिकार भी”: नए साल में कांग्रेस का पावर बैलेंस बदलेगा, प्रियंका गांधी के पास होगी संगठन की ‘चाबी’

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साल 2026 में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को पार्टी में अहम जिम्मेदारी दी जाने वाली है. इससे पहले गाजे-बाजे के साथ प्रियंका गांधी यूपी की प्रभारी महासचिव बनाई गई थीं. मगर 2022 में पार्टी विधानसभा चुनाव बुरी तरह हारी तो प्रियंका गांधी की जगह अविनाश पांडे को यूपी का प्रभारी महासचिव बना दिया गया था. तब से प्रियंका गांधी बिना पोर्टफोलियो के ही महासचिव बनी हुई हैं.

प्रियंका वैसे भी हर राज्य में बतौर स्टार कैंपेनर प्रचार करती हैं, संकेत मिले हैं कि अब ऐसे में उनको किसी एक राज्य का प्रभारी बनाने के बजाय कैंपेन कमेटी प्रमुख या इलेक्शन मैनेजमेंट कमेटी जैसा पद सृजित कर नई जिम्मेदारी दी जाए. इस बीच कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी का इकलौता उद्देश्य राहुल को पीएम बनते देखना है.

राहुल नहीं चाहते थे कि ऐसा हो

बता दें कि दिसंबर 2023 के बाद पार्टी अध्यक्ष पद का चुनाव होना था, इसलिए राहुल नहीं चाहते थे कि उसमें गांधी परिवार का दखल दिखे. फिर मल्लिकार्जुन खरगे राज्यसभा में नेता विपक्ष के साथ ही पार्टी अध्यक्ष बने. इससे ये माना गया कि तुरंत प्रियंका गांधी को अहम जिम्मेदारी से खरगे के कद पर असर पड़ेगा. इसके बाद लोकसभा चुनाव में 99 सीटें आईं तो राहुल गांधी काफी कशमकश के बाद नेता विपक्ष बन गए. ऐसे में प्रियंका का मामला फिर अटक गया.

पर्दे के पीछे से सर्वेसर्वा बने रहेंगे राहुल

अब जब सोनिया राजनीतिक तौर पर पर्दे के पीछे जा चुकी हैं, ऐसे में अब नए साल में प्रियंका को पार्टी में महासचिव बिना पोर्टफोलियो नहीं रहेंगी और उनको जिम्मेदारी दी जाएगी. मगर ये तय है कि प्रियंका राहुल के सहयोगी की भूमिका में ही रहेंगी. राहुल ही पर्दे के पीछे से पार्टी के सर्वेसर्वा बने रहेंगे.

प्रियंका के बढ़ने वाले सियासी कद की खबर के बीच कांग्रेस सांसद इमरान मसूद का बयान भी सुर्खियों में है. बीते दिनों इमरान ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार को लेकर बयान दिया था. इस दौरान उन्होंने प्रियंका को देश का पीएम बनाने की बात कही. इसके बाद प्रियंका के पति रॉबर्ट वाड्रा का भी बयान आया, जिसमें उन्होंने कहा, हर तरफ से मांग की जा रही है कि प्रियंका को आगे आना चाहिए. ये भी मांग की जा रही है, मुझे भी राजनीति में आना चाहिए लेकिन अभी हमें उन मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए जो लोगों से जुड़े हैं.

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