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दोषी पर सजा नहीं”: पत्नी ने पति पर किया तलवार से वार, फिर भी कोर्ट ने क्यों दी रिहा करने की मोहलत?

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कर्नाटक के मंगलुरु जिला कोर्ट ने पति की हत्या के मामले में पत्नी को दोषी ठहराया है. हालांकि, फिर भी उसे सजा नहीं सुनाई गई है और न ही उसे बरी किया है. उसे घर लौटने की भी इजाजत नहीं है. आइये जानते हैं कि महिला को कहां और क्यों भेजा जाएगा? दरअसल, महिला मानसिक मानसिक बीमारी से पीड़ित है. इसलिए उसे सजा नहीं सुनाई गई है. कोर्ट ने इस मामले में विशेष फैसला सुनाया है.

मंगलुरु जिले के बेल्थंगडी थाना क्षेत्र के तहत आने वाले नवुर गांव में रहने वाली एलियाम्मा ने अपने पति योहनन की 5 जुलाई 2022 को तलवार से काटकर हत्या कर दी थी. मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ के दौरान महिला ने कबूल किया कि उसी ने पति की हत्या की थी. मामला कोर्ट पहुंचा तो कई लोगों ने भी एलियाम्मा के खिलाफ गवाही दी. कोर्ट में आरोप साबित होने के बाद भी एलियाम्मा को सजा नहीं सुनाई गई.

‘महिला ने कोई अपराध ही नहीं किया’

कोर्ट में सुनवाई के दौरान आरोपी महिला के वकील विक्रम राज ए. ने तर्क दिया कि एलियाम्मा लंबे समय से मानसिक बीमारी और भ्रम की स्थिति से पीड़ित है. अपनी मानसिक बीमारी के कारण वह इस बात का अंदाजा नहीं लगा पाई कि उसने जो कुछ भी किया वह गलत और गैरकानूनी था. इसलिए वकील विक्रम राम ने तर्क दिया कि महिला ने कोई अपराध नहीं किया है. कोर्ट ने सभी दलीलें सुनने के बाद एक विशेष फैसला सुनाया है.

कोर्ट ने महिला को भेजा अस्पताल

न्यायाधीश मोहना जे.एस. ने फैसला सुनाया कि हत्या सिद्ध होने के बावजूद आरोपी आपराधिक दायित्व से मुक्त है. इसके बाद उन्होंने जेल अधीक्षक को आरोपी महिला को राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और तंत्रिका विज्ञान संस्थान (NIMHANS) भेजने का आदेश दिया है. यहां महिला की स्थिति पर नजर रखी जाएगी. साथ ही उसका इलाज भी किया जाएगा. इसके अलावा, कोर्ट ने आरोपी की तरफ से यह रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश भी दिया है कि वह रिहाई के लिए उपयुक्त है. वह अपने या फिर किसी ओर के जीवन के लिए खतरा नहीं है? दोनों ही बातों पर कोर्ट ने जवाब मांगा है.

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