Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
संभागायुक्त श्री आशीष सिंह ने 4 ग्रामों में VHSND सत्रों का किया निरीक्षण, उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओ... हर घर तिरंगा अभियान के तहत जिले में विभिन्न आयोजन होंगे व्यापक, जनभागीदारी के साथ आयोजन के दिए निर्द... कवर्धा में नकली नोट गिरोह का भंडाफोड़: ₹12.50 लाख के जाली नोट, टाटा पंच EV कार और प्रिंटर के साथ 3 ग... पचमढ़ी नागद्वारी मेले में दो दिन में पहुंचे 2 लाख श्रद्धालु: अव्यवस्थाओं से आक्रोशित भीड़ का हंगामा,... छतरपुर में सनसनी: मशहूर व्यापारी के इंजीनियर बेटे की रेलवे ट्रैक किनारे मिली संदिग्ध लाश, वर्क फ्रॉम... बुरहानपुर में 'वेस्ट से बेस्ट' की अनूठी मिसाल, केले के तनों से महिलाओं ने बनाईं ईको-फ्रेंडली राखियां विदिशा में बेतवा नदी के उफान से बिगड़े हालात, चरणतीर्थ घाट डूबा; शिव मंदिर में फंसे 3 बेजुबान जबलपुर में स्वास्थ्य विभाग को मिली ऐतिहासिक सफलता, नई थेरेपी से एड्स पीड़ित माताओं के 13 बच्चे बने ए... ग्वालियर के श्मशान घाटों में खत्म होगी मनमानी: अब तय रेट पर मिलेंगे कंडे और लकड़ी, नगर निगम का बड़ा ... मध्य प्रदेश में लगेगा नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट, भोपाल-विदिशा मार्ग होगा 4-लेन; MP कैबिनेट के...

सर्व समाज ने 24 दिसंबर को बुलाया छत्तीसगढ़ बंद, जनजातीय आस्था पर हमले का आरोप

25

कोंडागांव: बस्तर संभाग के कोंडागांव जिले में सर्व समाज ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की. सर्व समाज ने 24 दिसंबर बुधवार को छत्तीसगढ़ बंद का आह्वान किया है. समाज की तरफ से आरोप लगाया गया है कि प्रदेश में सामाजिक अशांति फैलाई जा रही है और जनजातीय आस्था पर हमले किए जा रहे हैं. जनजातीय सुरक्षा मंच के प्रांत संयोजक गोरखनाथ बघेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह बंद पूरी तरह शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में आयोजित किया जाएगा.

जनजातीय संगठन बंद में लेंगे हिस्सा

गोरखनाथ बघेल ने कहा कि इस विरोध प्रदर्शन में विभिन्न सामाजिक, जनजातीय और नागरिक संगठन सहभागिता करेंगे. सर्व समाज ने आरोप लगाया कि आमाबेड़ा क्षेत्र में हाल ही में घटित घटना कोई अकेली घटना नहीं है. इससे पहले भी छत्तीसगढ़ के जनजातीय, ग्रामीण और मैदानी क्षेत्रों में इस तरह के विवाद सामने आते रहे हैं.

गोखनाथ बघेल ने आरोप लगाया कि एक निश्चित पैटर्न के तहत ईसाई मिशनरियों और उनसे जुड़े कन्वर्जन प्रेरित समूह इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं. ऐसे ग्रुपों की तरफ से समाज में तनाव और वैमनस्य फैलाने की कोशिशें की जा रही हैं, जिसका सर्व समाज और जनजातीय समाज पर इसका असर पड़ रहा है. आमाबेड़ा की घटना पांचवीं अनुसूची का उल्लंघन है.

पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत अधिसूचित जनजातीय क्षेत्रों में ग्राम सभा की भूमिका और जनजातीय परंपराओं की संवैधानिक सुरक्षा को नजरअंदाज किया गया. स्थानीय विरोध के बावजूद जिला पुलिस-प्रशासन की निष्क्रियता, बाहरी संगठनों की कथित भूमिका और पक्षपातपूर्ण कार्रवाई ने प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए हैं- गोरखनाथ बघेल, प्रांत संयोजक, जनजाति सुरक्षा मंच

सर्व समाज और जनजातीय सुरक्षा मंच की मांगें

ऐसे हालात को लेकर सर्व समाज ने शासन के समक्ष पांच प्रमुख मांगें रखी हैं. जो इस प्रकार हैं.

  • राज्य में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को सख्ती से लागू किया जाए
  • कांकेर में जनजातीय समाज पर कथित संगठित हमले के दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए
  • पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों की निष्पक्ष जांच और निलंबन की कार्रवाई की जाए
  • पक्षपातपूर्ण प्रशासनिक रवैये के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए
  • ग्रामीणों पर दर्ज केसों को रद्द किया जाए और उन्हें मुआवजा दिया जाए

सर्व समाज कैसे करेगा बंद ?

सर्व समाज ने स्पष्ट किया कि बंद के दौरान आवश्यक सेवाएं प्रभावित नहीं होंगी. कोंडागांव में चौपाटी मैदान से रैली निकाली जाएगी और यह कलेक्ट्रेट के पास खत्म होगी. इस रैली में 5 हजार लोग शामिल होंगे. रैली के बाद कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.