Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Congress Election Result: अभिषेक चौधरी को मिले सबसे ज्यादा 6.15 लाख वोट, राजस्थान यूथ कांग्रेस अध्यक... Rajasthan Kinnar House Theft: पुरानी रंजिश की आशंका के तहत पुलिस कर रही जांच, अज्ञात आरोपियों की तला... Chimur Ashramshala Controversy: डैंड्रफ की समस्या के नाम पर छात्रों के साथ अजीब सलूक, वायरल तस्वीरों... BJP vs Shinde Sena: नागपुर में बीजेपी के सामने बागी पूर्व विधायक की चुनौती, सीटों के बंटवारे के बाद ... Ulhasnagar Mahayuti Crisis: महाराष्ट्र में महायुति में पड़ी फूट! बीजेपी ने शिंदे सेना से अलग होने का... CM Vishnu Deo Sai Singapore Visit: छत्तीसगढ़-सिंगापुर साझेदारी से खुलेंगे विकास के नए रास्ते, ग्रीन ... Chhattisgarh PMAY Success: छत्तीसगढ़ में बिना सरकारी खर्च के मिली 25,413 आवासों के लिए जमीन, केंद्र ... Kanker Divyang Camp: जगदलपुर में 7 अक्टूबर को लगेगा निःशुल्क दिव्यांग शिविर, कलेक्टर कुन्दन कुमार ने... Raipur Police Reshuffle: मुख्यमंत्री और राजभवन सुरक्षा में बदले गए अधिकारी, गृह विभाग ने जारी किया न... Sahibganj Murder Mystery Solved: साहिबगंज में गौरचंद्र बागती हत्याकांड का खुलासा, चचेरा भाई ही निकला...

इमरजेंसी सेवा डायल 112 को मदद की जरूरत, आम लोगों को शिकायत करने पर नहीं मिल रही तुरंत सहायता

35

कोरबा: पुलिस द्वारा आम लोगों को इमरजेंसी सुविधा उपलब्ध कराने वाली डायल 112 को ही अब मदद की जरूरत है. लोगों को तत्काल मदद पहुंचाने वाली डायल सेवा फिलहाल पूरी तरह से ठप हो गई है. हालत यह है कि कोरबा जिले में संचालित 22 वाहनों में से केवल 3 ठीक हैं बाकी 19 मेंटेनेंस के अभाव में या तो थाने में पार्क हैं, या फिर उन्हें मेंटेनेंस के लिए भेजा गया है.

जून जुलाई के बाद से ही इनका मेंटेनेंस नहीं हो रहा है. जानकारी है कि नया टेंडर होने के पहले ही इस योजना को मेंटेनेंस के लिए फंड नहीं मिल रहा है. डायल 112 पर कॉल करने पर यह रायपुर के कंट्रोल रूम में जाता है. वहां से लोगों द्वारा की गई शिकायतों को लोकेशन के अनुसार संबंधित थानों में ट्रांसफर कर पुलिस मदद पहुंचाने का प्रयास करती है. फिलहाल कंट्रोल रूम से शिकायतों को संबंधित थाने के स्टाफ को पहुंचाया जा रहा है. डायल 112 की सर्विस आने के पहले जिस तरह से पुलिस काम करती थी. अब उसी तरह का काम किया जा रहा है, डायल 112 के जरिए तत्काल मदद पहुंचाने की सुविधा पर फिलहाल ब्रेक लग गया है. एक्के नंबर सब्बो बर की परिकल्पना फिलहाल पूरी नाकाम हो चुकी है.

फिलहाल पसान और बांगो की गाड़ी ठीक

डायल 112 सेवा का कोरबा जिले में क्या हाल है. इसका अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि जिले में कुल 22 गाड़ियों में से 19 पूरी तरह से कंडम हो चुके हैं. जिनका संचालन बंद कर दिया गया है. वर्तमान में केवल 3 वाहन संचालित हैं, जिसमें से 2 बांगो थाना में तो एक वाहन पसान थाना के अंतर्गत संचालित है. कटघोरा थाने का एक डायल 112 वाहन भी कुछ ठीक है. लेकिन इसकी हेडलाइट खराब होने के कारण रात को संचालन बंद हो जाता है. इसलिए इस वाहन का संचालन भी सुचारू नहीं है.

फिलहाल सी-डैक के द्वारा किया जा रहा संचालन

डॉयल 112 के संचालन की जिम्मेदारी फिलहाल सरकारी संस्था सीडैक को दी गयी है. इससे पहले टाटा के पास संचालन का जिम्मा था. लेकिन टाटा के काम छोड़ने के बाद यह काम सीडैक देख रही है. जानकारी के अनुसार पिछले जुन जुलाई महीने से ही गाड़ियों का मेंटेनेंस का खर्च शासन से नहीं मिल रहा है, जिसके कारण वाहन कंडम होते चले गए, अब स्थिति यह है कि डायल 112 के वाहन खटारा हो चुके हैं, जिसे खड़ा कर दिया गया है.

क्षेत्र के हिसाब से दी जाती है गाड़ियां

किस थाने के अंदर इमरजेंसी कॉल अटेंड के लिए कितनी संख्या में डायल 112 गाड़ियां दिए जाएंगे, इसका निर्धारण क्षेत्र के हिसाब से होता है. क्षेत्र के ज्यादा बड़े और दुर्गम होने की स्थिति में किसी एक थाना क्षेत्र को एक से ज्यादा वाहन भी आवंटित किए जा सकते हैं. वर्तमान में बांगो थाना क्षेत्र में दो वाहन संचालित किया जा रहे हैं. चूंकि बांगो थाना के अंतर्गत ही नेशनल हाइवे सड़क गुजरती है. यहां लगातार सड़क हादसे होते हैं. जिसके कारण डायल 112 की आवश्यकता ज्यादा रहती है. इसी तरह जिले के अन्य थाने जहां एक से अधिक वाहन की जरूरत है, वहां दो वाहन भी मिले हैं. लेकिन वर्तमान में सभी का संचालन बंद है.

जिले में 18 थाने और 8 चौकी

कोरबा जिले को शहरी, ग्रामीण, दुर्गम इलाकों के अनुसार कुल 18 थानों में विभाजित किया गया है. इन्हीं थानों के अधीन 8 पुलिस चौकी भी मौजूद हैं, इन सभी को इमरजेंसी के दौरान मदद के लिए 22 डायल 112 गाड़ियां दिए गए हैं. वर्तमान में इनमें से तीन ही संचालित हैं. वह भी दो एक ही थाना क्षेत्र के अधीन मौजूद हैं. वर्तमान में जब इमरजेंसी सेवा के लिए लोग 112 पर कॉल कर रहे हैं, तब इसे किसी तरह रीडायरेक्ट कर थाने तक पहुंचा जा रहा है. थाने के स्टाफ द्वारा ही उस कॉल को अटेंड किया जा रहा है. 112 में एक ड्राइवर और एक आरक्षक की नियुक्ति रहती है. आरक्षक फिलहाल थानों में ही सेवा दे रहे हैं.

1 दिन में लगभग 100 कॉल

कोरबा जिले के सभी 22 वाहन एक दिन में औसतन 100 कॉल अटेंड करते हैं. प्रत्येक वाहन एक दिन में 4 से 5 इवेंट पर जाते हैं. जब सभी के सभी 22 डायल 112 ठीक तरह से संचालित होते हैं., तब संख्या काफी अधिक रहती है, 24 घंटे वाहन बिजी रहते हैं. लगातार कॉल आते हैं, लेकिन वर्तमान में यह सेवा पूरी तरह से बाधित है. कॉल आ तो रहे हैं, लेकिन डायल 112 की इमरजेंसी सेवा लोगों को नहीं मिल रही है.

थाने के स्टाफ करते हैं, सूचना की तस्दीक

एसपी कोरबा सिद्धार्थ तिवारी ने बताया कि डायल 112 इमरजेंसी सेवा का कंट्रोल रूम रायपुर में स्थापित है इसलिए तकनीकी तौर पर ज्यादा जानकारी उनके पास नहीं है. उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी रायपुर से ही मिल सकेगी. एसपी ने कहा कि फिलहाल जो कॉल आ रहे हैं, उस सूचना पर तस्दीक कराते हैं और संबंधित थाना चौकी नियमों के अनुसार कार्रवाई कर रही है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.