Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
बिलासपुर के खपरगंज बवाल में पुलिस का बड़ा एक्शन: हिस्ट्रीशीटर सुहैल खान समेत 9 गिरफ्तार, अब तक 20 पह... धमतरी में सर्पदंश से कक्षा 8वीं के छात्र की मौत: जमीन पर सोते समय करैत सांप ने डसा, कुरुद के अटंग गा... रायपुर एम्स के मंच से दिखा बदलते छत्तीसगढ़ का स्वरूप: उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने किया छात्रों क... दुर्ग में स्वाइन फ्लू का कहर: 4 नए मरीजों की पुष्टि के बाद आंकड़ा पहुंचा 17, जिला अस्पताल में 10 बेड... बीजापुर में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता: नीलमडगु के जंगलों से भारी मात्रा में हथियार और BGL सेल का डंप... इंदौर में बिना हेलमेट, सीट बेल्ट और इंश्योरेंस नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल: सुप्रीम कोर्ट की रोड सेफ्टी... देवास के SKP कॉलेज में हाथ में कागज की बंदूक लेकर पहुंचे छात्र: 3 माह बाद भी नहीं मिलीं किताबें, प्र... सीधी में बारिश का कहर: कैमूर पहाड़ पर धंसी मुख्य सड़क, अमिलिया-हनुमना मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद; ... बर्खास्तगी के 26 साल बाद फिर पहनी CRPF की वर्दी: संत बनकर मंदिर में काटा जीवन, इलाहाबाद हाई कोर्ट से... फर्जी लेडी IAS तृप्ति सिंह पर भोपाल में एक और FIR: MPT में होटल लीज के नाम पर 50 लाख की ठगी; भाई समे...

संसद सत्र 2025: ‘शांति’ और ‘राम’ के नाम रहा शीतकालीन सत्र! विपक्ष के वॉकआउट और हंगामे के बीच सरकार ने पास कराए कई बड़े विधेयक

28

18वीं लोकसभा का छठा सत्र शुक्रवार को खत्म हो गया. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सत्र की कार्य-उत्पादकता 111 प्रतिशत रहने का दावा किया. 1 दिसंबर से शुरू हुए इस सत्र में लोकसभा की कुल 15 बैठकें हुईं. इनकी अवधि 92 घंटे 25 मिनट रही. सत्र अपेक्षाकृत छोटा रहा और कई अहम विधेयक देर रात पारित किए गए.

विधेयकों की रफ्तार तेज, चर्चा सीमित

  • सत्र के दौरान 10 विधेयक पेश किए गए, जिनमें से 8 पास हुए. मणिपुर माल एवं सेवा कर (दूसरा संशोधन) विधेयक, 2025
  • केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक, 2025
  • स्वास्थ्य सुरक्षा से राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर विधेयक, 2025
  • विनियोग (संख्यांक 4) विधेयक, 2025
  • निरसन और संशोधन विधेयक, 2025
  • सबका बीमा सबकी रक्षा (बीमा विधि का संशोधन) विधेयक, 2025
  • भारत के रूपांतरण के लिए नाभिकीय ऊर्जा का संधारणीय दोहन और अभिवर्धन विधेयक, 2025
  • विकसित भारत – रोज़गार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) ‘वी बी -जी राम जी (विकसित भारत-जी राम जी) विधेयक, 2025 को पास किया गया. विपक्ष का आरोप रहा कि विधेयकों को पर्याप्त चर्चा के बिना जल्दबाज़ी में पारित किया गया.

  1. इस बीच सत्र में दो विषयों पर अपेक्षाकृत लंबी चर्चा हुई. राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर 11 घंटे 32 मिनट तक चर्चा हुई, जिसमें 65 सदस्यों ने भाग लिया. इसके अलावा 9 और 10 दिसंबर को चुनावी सुधार पर करीब 13 घंटे बहस चली, जिसमें 63 सांसद शामिल हुए. शून्यकाल के दौरान लोक महत्व के 408 मामले उठाए गए, लेकिन विपक्ष का आरोप है कि कई गंभीर मुद्दों पर चर्चा सीमित समय में सिमट गई.
  2. 11 दिसंबर को अकेले शून्यकाल में 150 सदस्यों ने अपने मामले उठाए, जिससे कार्यवाही अक्सर अव्यवस्थित रही. सत्र में 137 प्राइवेट मेम्बर बिल पेश किए गए लेकिन किसी पर भी आगे की ठोस कार्यवाही नहीं हो सकी. 12 दिसंबर को पेश किए गए एयरलाइंस समस्या से जुड़े एक प्राइवेट मेम्बर बिल पर गंभीर चर्चा हुई लेकिन उसके बाद बिल को वापस ले लिया गया. इस सत्र के दौरान सरकार द्वारा एक बिल को संसद की जेपीसी में भी चर्चा के लिए भेजा गया है, जो कि विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान बिल 2025 है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.