Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
India's Fastest Metro: भारत की सबसे तेज मेट्रो की रफ्तार ने चौंकाया, अब घंटों का सफर मात्र 30 मिनट म... India AI Impact Summit 2026: बिहार में तकनीक का नया दौर, राज्य सरकार ने ₹468 करोड़ के MoU पर किए हस्... Mamata Banerjee vs EC: "चुनाव आयोग की हिम्मत कैसे हुई?" सुप्रीम कोर्ट के नियमों के उल्लंघन पर भड़कीं... Delhi Kidnapping: पहले विश्वास जीता, फिर दूध पिलाने के बहाने बच्चा लेकर फरार! दिल्ली के अंबेडकर हॉस्... Rape Case Verdict: दुष्कर्म मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट का बड़ा फैसला, दोषी को 7 साल की कड़ी सजा और ... Bhupinder Hooda on Crime: "हरियाणा में वही सुरक्षित है जिसे कोई मारना नहीं चाहता"—बढ़ते अपराध पर हुड... Haryanvi Singer Harsh Gupta Arrested: हरियाणवी सिंगर हर्ष गुप्ता गिरफ्तार, पुलिस ने इस गंभीर मामले म... High-Tech Fraud: पेमेंट का फर्जी मैसेज दिखाकर लाखों के गहने ले उड़ा ठग, शातिर की तलाश में जुटी पुलिस Rohtak Gangwar: रोहतक में सरेआम गैंगवार, गोगा की 20 से अधिक गोलियां मारकर हत्या, CCTV में कैद हुई खौ... Haryana Vivah Shagun Yojana: हरियाणा में बेटी की शादी के लिए मिलेंगे 71,000 रुपये, जानें क्या है पात...

ED का बड़ा एक्शन: सहारनपुर में कोडीन कफ सिरप तस्करी नेटवर्क ध्वस्त! इंटरनेशनल तस्करी में शामिल फर्मों के लाइसेंस रद्द, 500 करोड़ के रैकेट का खुलासा

3

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी का ऐसा संगठित नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है, जिसने दवा कारोबार की आड़ में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तस्करी का रास्ता बना रखा था. प्रवर्तन निदेशालय (ED) और लखनऊ STF की कार्रवाई के बीच सहारनपुर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विशाल राणा और विभोर राणा की GR ट्रेडिंग कंपनी और एबॉट हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड के लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए हैं.

खास बात यह रही कि लाइसेंस रद्द की प्रक्रिया ठीक उसी समय पूरी हुई, जब ईडी की टीमें राणा बंधुओं के ठिकानों पर छानबीन में जुटी हुई हैं. जांच में GR ट्रेडिंग कंपनी बीते करीब एक साल से बंद पाई गई है. निरीक्षण के दौरान मौके पर मौजूद गार्ड ने साफ किया कि वहां किसी भी तरह का दवा कारोबार नहीं हो रहा. फर्म संचालक मौके से गायब मिले. विभाग की ओर से भेजा गया नोटिस भी वापस लौट आया, जिसके बाद अधिकारियों ने यह मान लिया कि नियमों का जानबूझकर उल्लंघन किया जा रहा है.

जानें STF जांच में क्या हुआ खुलासा

STF की तफ्तीश में खुलासा हुआ कि GR ट्रेडिंग के नाम पर कोडीन युक्त कफ सिरप की फर्जी बिक्री दिखाई जाती थी, जबकि असल खेप बांग्लादेशी तस्करों तक पहुंचाई जाती थी. लाइसेंस विभोर राणा के नाम पर दर्ज थे और उसी के आधार पर पूरे नेटवर्क को ऑपरेट किया जा रहा था. इस मामले में विभोर राणा के खिलाफ लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी थाने में धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है.

जांच एजेंसियों के मुताबिक, तस्करी को छिपाने के लिए हरिद्वार और दिल्ली में फर्जी मेडिकल फर्में खड़ी की गईं. इन्हीं के जरिये कोडीन आधारित दवाओं की कागजी सप्लाई दिखाई जाती रही. जांच में कई सहयोगियों के नाम सामने भी आए हैं, जो अलग-अलग राज्यों में इस नेटवर्क को संभाल रहे थे. सभी तथ्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर सहारनपुर औषधि विभाग ने GR ट्रेडिंग के दोनों लाइसेंस रद्द कर दिए.

राणा भाइयों के ठिकानों पर ED का एक्शन

फर्म और आवास पर रद्द करने का नोटिस चस्पा किया गया है. नियमों के तहत संबंधित पक्ष को तीन महीने के अंदर अपील का अवसर दिया गया है. शास्त्री नगर स्थित राणा बंधुओं के आवास, उसके बराबर में स्थित एबॉट हेल्थकेयर और उनसे जुड़े अन्य ठिकानों पर ईडी की कार्रवाई पिछले 24 घंटे से जारी है. सुरक्षा के लिए CRPF तैनात गई है. इस दौरान बिक्री रजिस्टर, स्टॉक रिकॉर्ड, जीएसटी दस्तावेज, बैंक लेनदेन, मोबाइल फोन, लैपटॉप और कई संदिग्ध कागजात कब्जे में लिए गए.

बांग्लादेश तक फैला कोडिन तस्करी का नेटवर्क

कर्मचारियों से लंबी पूछताछ भी की गई. STF पहले ही इस गिरोह के मुख्य चेहरों समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है. पूछताछ में सामने आया कि यह नेटवर्क उत्तर प्रदेश के अलावा उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, असम और पश्चिम बंगाल तक फैला हुआ था और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन के जरिए बांग्लादेश तक सप्लाई की जा रही थी. बाद की गिरफ्तारियों ने यह साफ कर दिया कि मामला सिर्फ एक फर्म तक सीमित नहीं, बल्कि एक बड़े संगठित ड्रग नेटवर्क का हिस्सा है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.