Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Ram Mandir Donation Scam SIT: सुप्रीम कोर्ट में SIT का खुलासा; राम मंदिर काउंटिंग रूम से चोरी के 105... Delhi High Court PIL: डीटीसी बस हड़ताल से थमीं दिल्ली की रफ्तार; जनहित याचिका पर हाईकोर्ट की पीठ करे... Faridabad CM Flying Raid: तिगांव में अवैध बुलेटप्रूफ कार वर्कशॉप पर CM फ्लाइंग का छापा; 4 लग्जरी गाड... Gurugram MCG Action: भोंडसी में नगर निगम का बड़ा बुलडोजर एक्शन; 6 अवैध भवन सील, 4 ध्वस्त Gurugram Crime News: गुड़गांव की नाथूपुर सब्जी मंडी में हिताची ATM में लगी भीषण आग; मशीन में रखा कैश... Raipur News: रायपुर उत्तर में विधायक पुरन्दर मिश्रा की 8 दिवसीय पदयात्रा; सीएम साय करेंगे आगाज, राज्... Kanker Yuva Udaan Event: '2047 तक विकसित भारत का सपना युवाओं के कंधे पर'; कांकेर में बोले युवा आयोग ... Kanker BSF Camp News: माओवाद के साये से निकलकर वर्दी के सपने; कांकेर के तुमापाल में BSF कैंप में उमड... Raipur News: भाटागांव सब्जी बाजार विवाद में आयुक्त का आश्वासन; 7 दिनों में सामने आएंगे लॉटरी आवंटन क... Chhattisgarh News: कोरबा के पूछपारा में शर्मनाक घटना; नमाजी बुजुर्ग पर हमला कर युवक फरार, मेडिकल कॉल...

गजब है ललितपुर की कहानी! जीजा के नाम पर नकली MBBS डिग्री लेकर बना ‘दिल का डॉक्टर’, मेडिकल कॉलेज में 3 साल तक की नौकरी, कैसे हुआ खुलासा?

43

उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले के मेडिकल कॉलेज में बीते 3 तीन सालों से काम कर रहे फर्जी डॅाक्टर को पोल खुल गई है. आरोपी डॉक्टर मां की मौत का बहाना बनकर फरार हो गया है. मामले के सामने आने के बाद से ही अस्पताल में हड़कंप मचा हुआ है. जिला प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है. बताया जा रहा है कि भाई-बहन के बीच विवाद के बाद फर्जी डॉक्टर का भंडाफोड़ हुआ है.

फर्जी आरोपी डॉक्टर की पहचान अभिनव सिंह के तौर पर हुई है, जो कि बीते 3 सालों से मेडिकल कॉलेज ललितपुर में अपने जीजा के नाम की एमबीबीएस की फर्जी डिग्री लगाकर नौकरी कर रहा था. इस बात का खुलासा अभिनव और उनकी डॉ सोनाली सिंह के बीच चल रहे संपत्ति विवाद के बाद हुआ है. बहन ने मेडिकल कॉलेज ललितपुर के प्रधानाचार्य को पत्र लिखकर इस संबंध में जानकारी दी है.

इस्तीफा देकर फरार हुआ फर्जी डॉक्टर

बहन ने अपने पत्र में लिखा कि ललितपुर के तालाबपुरा का रहने वाला मेरा भाई अभिनव सिंह, पति राजीव गुप्ता के नाम की फर्जी लगाकर हृदय रोग विशेषज्ञ की नौकरी कर रहा है. इस खुलासे के होते ही फर्जी डॉक्टर दो लाइन का इस्तीफा देकर अस्पताल से फरार हो गया. इस्तीफे में अभिनव ने लिखा कि मेरी मां का देहांत हो गया. इसलिए इस्तीफा दे रहा हूं. मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. मयंक शुक्ला ने बताया कि साल 2013 में अभिनव सिंह ने आधार कार्ड पर अपनी फोटो लगाकर घालमेल किया था.

जल्द दर्ज होगी FIR-वसूली जाएगी सैलरी

वह आईआईटी रुड़की से बीटेक करने के बाद आईआरएस के लिए सिलेक्ट हुआ था. किसी कारण वहां से भागकर अभिनव ललिलपुर आ गया था. शुक्ला ने बताया कि फर्जी डॉक्टर के खिलाफ के थाने में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी. साथ ही अब तक का सभी सैलरी वसूली जाएगी. इसकी जानकारी जिला प्रशासन और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को दे दी गई है. जानकारी देते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी इम्तियाज अहमद ने बताया कि बुधवार को फर्जी डॉक्टर की शिकायत मिली थी.

जानें कैसे खुली पोल

यह मामला फर्जी फोटो लगाकर नौकरी पाने का है. भाई के खिलाफ उसकी बहन ने पत्र लिखकर शिकायत की थी, जिसमें उसने पति के नाम के नाम की फर्जी डिग्री लगाकर नौकरी करने की बात कही थी. आरोपी संविदा फर्जी डॉक्टर भागा हुआ था. ऐसा कहा जा रहा है कि भाई-बहन के मध्य प्रदेश के खुरई और सागर इलाके की संपत्ति को लेकर हुए विवाद के बाद बहन ने अस्पताल में शिकायत की है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.