सावधान! लाल मिर्ची का झांसा देकर लाखों का चूना! MP के व्यक्ति से हुई अंतरराज्यीय ठगी, कर्नाटक से ऑपरेट हो रहा था गिरोह
मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के सेंधवा शहर में लाल मिर्च खरीदने के बहाने बड़े ऑनलाइन फ्रॉड का खुलासा हुआ है. सस्ते दाम और आकर्षक ऑफ़र के लालच में एक व्यापारी ऐसे सौदे में फंस गया, जिसमें न तो उसे माल मिला और न ही उसकी राशि वापस लौटी. पुलिस जांच में पता चला कि जिस आरोपी ने व्यापारी से 5.64 लाख रुपये हड़पे, वह बीते 20 महीनों से फरार चल रहा था और अपनी पहचान बदलकर कर्नाटक के हुबली में छिपा हुआ था. आरोपी का नाम सोमनाथ कागल है.
पुलिस के मुताबिक, शहर के एक व्यापारी ने 27 अप्रैल 2024 को FIR दर्ज कराई थी. फरियादी ने शिकायत में बताया कि उसकी पहचान सोशल मीडिया के जरिए आंध्र प्रदेश के गुंटूर में स्थित ओम ट्रेडर्स के मालिक बताने वाले सोमनाथ से हुई. आरोपी ने खुद को मिर्च कारोबार से जुड़ा बताया और लाल मिर्च सस्ते दामों पर बेचने का प्रस्ताव दिया.
व्यापारी के अनुसार, सोमनाथ ने वाट्सऐप पर मिर्च के सैंपल की फोटो भेजी, जिसे देखकर सौदा फाइनल किया गया. इसके बाद उसने 14 और 15 फरवरी को कुल 5,64,500 रुपये सोमनाथ के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए. पेमेंट होने के बाद व्यापारी 17 फरवरी को मिर्च भेजे जाने की जानकारी लेने के लिए कॉल करता रहा, लेकिन आरोपी का मोबाइल फोन बंद मिला. इसी तरह उसे समझ आया कि वह ठगी का शिकार हो चुका है.
फरार आरोपी पर था इनाम
मामले में पुलिस अधीक्षक बड़वानी जगदीश डावर ने कार्रवाई करते हुए आरोपी की गिरफ्तारी पर 2,000 रुपये का इनाम घोषित किया. जांच के दौरान सामने आया कि सोमनाथ कागल पिछले डेढ़ से लगभग दो वर्षों से अपने घर और राज्य से दूर भागकर हुबली में छिपा हुआ था. वह वहाँ अलग-अलग फर्जी नामों से मिर्ची और हल्दी का व्यापार कर रहा था ताकि पुलिस उससे न पहुंच सके.
तकनीकी साक्ष्य बने सुराग
विशेष टीम ने आरोपी के बैंक विवरण, मोबाइल नंबर, सोशल मीडिया गतिविधियां और तकनीकी इनपुट का गहन विश्लेषण किया. लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर पता चला कि वह कर्नाटक के धारवाड़ जिले में सक्रिय है. पुलिस टीम ने 1,000 किमी का सफर तय करते हुए आरोपी को धारवाड़ के हुबली क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया.
गिरफ्तारी के बाद आरोपी सोमनाथ को सेंधवा न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया. पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि आरोपी ने अन्य राज्यों में भी इसी तरह की फर्जी ट्रेडिंग और ऑनलाइन धोखाधड़ी की है या नहीं.
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