Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
दतिया के सहिड़ाखुर्द में रिश्तों को तार-तार करने वाली वारदात: 13 वर्षीय किशोरी से खेत में दुष्कर्म मुरैना में शादी के 42 दिन बाद नवविवाहिता शिक्षिका ने लगाई फांसी: अस्पताल में इलाज के दौरान तोड़ा दम,... एमपी में 1.5 लाख शिक्षकों को देनी होगी पात्रता परीक्षा: 21 अगस्त से आवेदन शुरू, 12 अक्टूबर से एग्जाम... जबलपुर के रेस्टोरेंट में काम को लेकर विवाद, सहकर्मी ने 20 वर्षीय युवती की चाकू से गोदकर की हत्या नितिन नबीन ने घोषित की नई टीम: 13 उपाध्यक्ष, 8 महासचिव और 12 महिलाओं को मिली जगह; जानें BJP संविधान ... राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पहली SIT की फाइनल रिपोर्ट सौंपी गई, चंपत राय और अनिल मिश्रा को क्लीन... झारखंड भर्ती परीक्षा विवाद: NEET से कैसे अलग है राज्य का संकट? 2014 से जांच, 11वीं-13वीं JPSC और कान... बरेली में LLB छात्रा पर पूर्व पति से हलाला और वकालत छोड़ने का दबाव: भाइयों-भाभियों ने की मारपीट, पुल... भोपाल का रेहान मर्डर केस सुलझा: फर्जी रील देखकर रची थी हत्या की साजिश, प्राइवेट पार्ट बेचने का था प्... ठाणे में सरकारी कार्यक्रम में वंदे मातरम् की जगह बजा फिल्म 'पुकार' का गाना: डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ...

2 दिवसीय हड़ताल पर चिकित्सक, स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित…रेवाड़ी में रिटायर्ड डॉक्टरों की लगाई ड्यूटी

22

रेवाड़ी: प्रदेशभर में अपनी लंबित मांगों को लेकर सभी चिकित्सक आज से दो दिवसीय हड़ताल पर चले गए हैं, जिसके कारण स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में अनेक विभागों का कामकाज ठप पड़ गया है, जिससे मरीजों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

चिकित्सकों ने स्पष्ट किया है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। वहीं यदि वार्ता के दौरान उनकी सुनवाई होती है, तो वे तुरंत अपनी सेवाएं बहाल करने को तैयार हैं। रेवाड़ी में स्वास्थ्य व्यवस्था को पटरी पर रखने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. नरेंद्र दहिया ने विशेष कदम उठाए हैं।

जिले में तैनात 55 चिकित्सकों में से केवल 13 ही ड्यूटी पर मौजूद हैं, ऐसे में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह बाधित न हों, इसके लिए रिटायर्ड डॉक्टरों की अस्थायी ड्यूटी लगाई गई है। इससे मरीजों को आवश्यक इलाज मिल सकेगा और आपात सेवाओं पर कम से कम असर पड़ने की उम्मीद है। हड़ताल के पहले दिन OPD सेवाओं, नियमित जांचों और कई विभागों में कार्य प्रभावित रहा।

प्रशासन का दावा है कि आपातकालीन सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए मरीजों को न्यूनतम परेशानी हो, इसके लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं। चिकित्सक और सरकार के बीच लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर जारी खींचतान एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या बातचीत से समाधान निकलेगा या हड़ताल अवधि और बढ़ सकती है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.