रेवाड़ी: प्रदेशभर में अपनी लंबित मांगों को लेकर सभी चिकित्सक आज से दो दिवसीय हड़ताल पर चले गए हैं, जिसके कारण स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में अनेक विभागों का कामकाज ठप पड़ गया है, जिससे मरीजों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
चिकित्सकों ने स्पष्ट किया है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। वहीं यदि वार्ता के दौरान उनकी सुनवाई होती है, तो वे तुरंत अपनी सेवाएं बहाल करने को तैयार हैं। रेवाड़ी में स्वास्थ्य व्यवस्था को पटरी पर रखने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. नरेंद्र दहिया ने विशेष कदम उठाए हैं।
जिले में तैनात 55 चिकित्सकों में से केवल 13 ही ड्यूटी पर मौजूद हैं, ऐसे में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह बाधित न हों, इसके लिए रिटायर्ड डॉक्टरों की अस्थायी ड्यूटी लगाई गई है। इससे मरीजों को आवश्यक इलाज मिल सकेगा और आपात सेवाओं पर कम से कम असर पड़ने की उम्मीद है। हड़ताल के पहले दिन OPD सेवाओं, नियमित जांचों और कई विभागों में कार्य प्रभावित रहा।
प्रशासन का दावा है कि आपातकालीन सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए मरीजों को न्यूनतम परेशानी हो, इसके लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं। चिकित्सक और सरकार के बीच लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर जारी खींचतान एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या बातचीत से समाधान निकलेगा या हड़ताल अवधि और बढ़ सकती है।
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