बीजापुर: नक्सल उन्मूलन के लिए लगातार चल रहे अभियानों के बीच बीजापुर से एक गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है. थाना तर्रेम में सर्च ऑपरेशन के दौरान एक ग्रामीण का शव मिला है. ग्रामीण का नाम माड़वी भीमा है, जो माओवादी सामग्री बरामदगी में सुरक्षा बलों को सहयोग करता था.
ग्रामीणों के सहयोग से सुरक्षा बलों को सर्च ऑपरेशन में मिली सफलता
बस्तर के नक्सल प्रभावित इलाकों में लगातार नक्सल ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं. इसी क्रम में वाटेवागु सीआरपीएफ कैंप (थाना तर्रेम) से सुरक्षा बलों की टीम ने 5 दिसंबर को रेखापल्ली गांव के पास एंटी–नक्सल अभियान शुरू किया. सुरक्षा बलों ने रेखापल्ली निवासी माड़वी भीमा (आयु 48 वर्ष) और अन्य ग्रामीणों के सहयोग से रेखापल्ली, धामारम, कोंडापल्ली, चिंतावागु नदी तट और आसपास के जंगलों में नक्सली मौजूदगी की जानकारियां जुटाई.
जानकारी मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया. सर्च ऑपरेशन के दौरान बड़ी संख्या में आईईडी, विस्फोटक व अन्य डंप सामग्री बरामद की गई, जिसे टीम 6 दिसंबर को कैंप लेकर वापस पहुंची. उनके साथ माड़वी भीमा भी मौजूद था. कैंप पहुंचने के बाद सभी ने रूटीन काम किया, खाना खाया.
सुरक्षा बलों के सहयोगी का मिला शव
इसके कुछ देर बाद माड़वी भीमा टहलने की बात कहते हुए जंगल की ओर निकला. कुछ देर बाद रात लगभग साढ़े 8 बजे ड्यूटी पर मौजूद जवानों ने पेड़ पर कुछ लटकता हुआ देखा, पास जाकर देखा तो वह माड़वी भीमा था, जो पेड़ पर फांसी पर लटका मिला. जवानों ने तुरंत उसे नीचे उतारा और फर्स्ट एड दी, लेकिन तब तक भीमा की मौत हो चुकी थी.
बीजापुर पुलिस ने जताई आत्महत्या की आशंका
बीजापुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चंद्रकांत गवर्ना ने घटना की पुष्टि की. उन्होंने कहा की सुरक्षा अभियान के दौरान बरामदगी में सहयोग करने वाला ग्रामीण माड़वी भीमा रात में मृत अवस्था में पाया गया. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार माओवादी संगठन की प्रतिशोध के भय से आत्महत्या की आशंका है, लेकिन हम निष्पक्ष और विस्तृत जांच कर रहे हैं. घटना की जानकारी परिजनों को दे दी गई है. विधिक प्रावधानों के तहत न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा जांच की प्रक्रिया जारी है.
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