खतरा अभी टला नहीं! दिल्ली के कई इलाकों में AQI 300+, रेड जोन में रहने वाले लोग रहें सावधान, हवा की गुणवत्ता पर बड़ा संकट
दिल्ली वालों पर इस समय प्रदूषण और ठंड की दोहरी मार पड़ रही है, जहां शीतलहर से ठंड में इजाफा हो रहा है. वहीं दिल्ली की हवा में घुला जहर भी कम होने का नाम नहीं ले रहा है. दिल्ली में प्रदूषण से हाल बेहाल है. आज भी दिल्ली का ओवरऑल AQI बेहद खराब श्रेणी में है. समीर ऐप के मुताबिक सुबह 6 बजे दिल्ली का AQI 318 दर्ज किया गया.
वहीं कई इलाके अभी भी रेड जोन में हैं, जहां का AQI लगातार 300 के पार बना हुआ है. इनमें बवाना की हवा सबसे ज्यादा खराब है, जहां AQI 367 है. अलीपुर का AQI-322, आनंद विहार का AQI-354, अशोक विहार का AQI-338, बुराड़ी क्रॉसिंग का AQI-327, चांदनी चौक का AQI-322, मथुरा रोड का AQI-303, डॉ. कर्णी सिंह का AQI-330, DTU का AQI-345 है.
300 के पार इन इलाकों का AQI
इसके साथ ही द्वारका सेक्टर-8 का AQI-325, दिलशाद गार्डन का AQI-315, ITO का AQI-325, जहांगीरपुरी का AQI-349, जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम का AQI-323, नरेला का AQI-343, नेहरू नगर का AQI-346, नॉर्थ कैंपस का AQI-326, ओखला का AQI-325, पटपड़गंज का AQI-340, पंजाबी बाग का AQI-334, RK पुरम का AQI-334, रोहिणी का AQI-349, सीरीफोर्ट का AQI-329, विवेक विहार का AQI-355, वजीरपुर का AQI- 349 है.
इसके अलावा कुछ इलाके ऑरेंज जोन में हैं. एनसीआर में भी AQI गंभीर श्रेणी में है. सुबह 6 बजे नोएडा का AQI 332, गाजियाबाद का AQI 326 और गुरुग्राम का AQI 280 है.
| एरिया | AQI लेवल |
| आया नगर | 267 |
| IGI एयरपोर्ट | 227 |
| लोधी रोड | 292 |
| मेजर ध्यानचंद स्टेडियम | 294 |
| नजफगढ़ | 289 |
| शादीपुर | 262 |
राजधानी में बढ़ते प्रदूषण के चलते दिल्ली वालों स्वास्थ्य समस्याओं से भी जूझना पड़ रहा है. लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है, साथ ही आंखों में जलन और गले में खराश भी हो रही है. प्रदूषण को कम करने के लिए सरकार की ओर से कई कोशिश की जा रही हैं. हालांकि, इन प्रयासों का असर कम ही नजर आ रहा है. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को इलेक्ट्रिक हीटर वितरित किए.
सीएम ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “दिल्ली हाट, पीतमपुरा में विभिन्न RWAs को इलेक्ट्रिक हीटर वितरित किए. सर्दी के मौसम में अलाव जलाने से फैलने वाला धुआं प्रदूषण बढ़ाता है. ऐसे में इलेक्ट्रिक हीटर एक स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल विकल्प है. यह केवल वितरण नहीं, बल्कि दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में एक व्यावहारिक और संवेदनशील कदम है. राजधानी में प्रदूषण नियंत्रण के लिए हम हर मोर्चे पर कार्यरत हैं. मिस्ट स्प्रे सिस्टम, मैकेनिकल स्वीपिंग, वॉटर स्प्रिंकलर्स, सड़कों की धुलाई और डस्ट कंट्रोल के लिए टीमें निरंतर काम कर रही हैं.”
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.