जबलपुर : भोपाल गैस कांड के पीड़ितों को अतिरिक्त मुआवजा मिलेगा या नहीं, इसपर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में फैसला हो सकता है. गैस कांड पीड़ितों को अतिरिक्त मुआवजा प्रदान किए जाने की मांग करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी. याचिका की सुनवाई के दौरान केंद्र व प्रदेश सरकार की ओर से जवाब पेश करने के लिए समय प्रदान करने का आग्रह किया गया.
क्या है भोपाल गैस पीड़ितों की नई मांग?
भोपाल गैस पीड़ित महिला पुरुष संघर्ष मोर्चा, स्टेशनरी महिला कर्मचारी संघ, भोपाल गैस पीड़ित निराश्रित पेंशन भोगी संघर्ष मोर्चा और भोपाल ग्रुप फॉर इन्फॉर्मेशन एंड एक्शन ने अतिरिक्त मुआवजे को लेकर याचिका दायर की है. इस याचिका में कहा गया है कि गंभीर रूप से घायल गैस पीड़ितों को अस्थायी विकलांगता और मामूली चोट के रूप में गलत तरीके से वर्गीकृत किया गया था, जिससे उन्हें वर्षों तक कम मुआवजा मिलता आ रहा है. याचिका में गंभीर रूप से घायल गैस पीड़ितों को अतिरिक्त मुआवजा दिए जाने की राहत चाही गई.
सरकार ने जवाब देने के लिए मांगा समय
याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने 11 अगस्त 2025 को केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी चार सप्ताह में जवाब पेश करने के निर्देश दिए थे. वहीं, गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान केंद्र व प्रदेश सरकार की ओर से जवाब पेश करने के लिए समय प्रदान करने के आग्रह किया गया. हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने आग्रह को स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई 19 जनवरी को नियत की है. याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एस मुरलीधरन व केन्द्र सरकार की तरफ से अस्सिटेंट सॉलिसिटर जनरल मोहन गुरु उपस्थित हुए.
बेटी घर से पैसे लेकर फरार, मां ने हाईकोर्ट में लगाई गुहार
वहीं, गुरुवार को हाईकोर्ट में एक अन्य मामले में सुनवाई हुई जहां एक मां ने अपनी बेटी को लेकर हाईकोर्ट में गुहार लगाई है. पीड़ित मां की ओर से हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की गई, जिसमें कहा गया है कि उसकी 17 साल की बेटी डेढ़ लाख रु लेकर घर से लापता हो गई है. पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने के बावजूद भी पुलिस उसकी तलाश नहीं कर रही है. याचिका की सुनवाई के दौरान पुलिस ने लापता किशोरी के मोबाइल की सीडीआर पेश की. इसपर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने पुलिस को निर्देशित किया है कि अगली सुनवाई तक लापता किशोरी को तलाश कर न्यायालय के समक्ष पेश किया जाए. मामला जबलपुर के घमापुर क्षेत्र का है.
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