जबलपुर : प्रदेश के अनूपपुर जिले में जमानत नहीं देने पर जज के सरकारी आवास पर हमले व अन्य जिलों में जिला न्यायाधीशों से संबंधित घटनाओं पर सुनवाई हुई. इस दौरान सरकार की ओर से अनुपूपुर मामले व अन्य जिलों में जजों के घर हुई चोरी की घटनाओं के संबंध में हाईकोर्ट में विस्तृत रिपोर्ट पेश की गई. न्यायाधीशों के साथ हुई घटनाओं में आरोपियों की गिरफ्तारी व प्रकरण की स्टेटस रिपोर्ट भी हाईकोर्ट के सामने लाई गई.
जजों की सुरक्षा पर हाईकोर्ट ने लिया था संज्ञान
मानत आवेदन निरस्त करने पर अनूपपुर में प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट अमनदीप सिंह छाबड़ा के सरकारी आवास पर हुए हमले व प्रदेश के अन्य जिलो में जजों के घरों में हुई चोरी के घटनाओं पर युगलपीठ ने नाराजगी व्यक्त की थी. पिछले सुनवाई के दौरान युगलपीठ ने घटना के संबंध में स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के निर्देश जारी किए थे. याचिका की अगली सुनवाई गुरुवार को हुई, जिसमें सरकार की ओर से प्रदेश में जिला न्यायाधीशों के साथ हुई घटनाओं के संबंध में पुलिस कार्रवाई की स्टेटस रिपोर्ट पेश करते हुए कहा गया कि न्यायाधीशों की सुरक्षा के लिए ठोस नीति बनाने रोडमैप तैयार किया जा रहा है.
2016 के मामले की जांच रिपोर्ट पर संज्ञान
23 जुलाई 2016 को मंदसौर में राष्ट्रीय राजमार्ग पर जिला अदालत के न्यायाधीश राजवर्धन गुप्ता के साथ अशोभनीय घटना हुई थी. इसे लेकर जांच के निर्देश जारी हुए थे. तत्कालीन रजिस्ट्रार जनरल ने जांच रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश की थी. इसी रिपोर्ट पर संज्ञान लेकर हाईकोर्ट जजों व उनके परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने सुनवाई कर रहा है. इस मामले में पूर्व में दिशा-निर्देश जारी किए गए थे कि कोर्ट परिसरों के चारों ओर पर्याप्त ऊंचाई की बाउंड्री बनाई जाए. वहीं, कोर्ट परिसरों में पुलिस चौकियां भी स्थापित की जाएं. जजों के आवासीय परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की जाए.
हाईकोर्ट चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर लेते हुए मामले पर अगली सुनवाई 8 जनवरी को निर्धारित की है.
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