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महाराष्ट्र निकाय चुनाव में महा-टालमटोल: गड़बड़ी की शिकायत के बाद 25 से अधिक नगर निगमों के चुनाव स्थगित।

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महाराष्ट्र चुनाव में गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए स्टेट इलेक्शन कमीशन (SEC) ने कई जिलों की 25 से ज्यादा नगर निगम के चुनाव को टाल दिया है. अब इन जिलों में वोटिंग 2 दिसंबर की बजाए 20 दिसंबर को होगी. जबकि बाकी जगहों पर 2 दिसंबर को वोट डाले जाएंगे और 3 दिसंबर को रिजल्ट घोषित कर दिया जाएगा.

स्टेट इलेक्शन कमीशन (SEC) के इस एक्शन पर सीएम देवेंद्र फडणवीस ने नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा कि वोटिंग से ठीक एक दिन पहले चुनाव टालना पूरी तरह से गलत है. ‘मुझे लगता है चुनाव आयोग ने कानून का गलत अर्थ लगाया है. ये चुनाव कई जिलों में रद्द करना ये अत्यंत गलत है. ऐसी स्थिति में तो कोई भी कोर्ट जाएगा और चुनाव रोक लगवा देगा.’

सीएम फडणवीस ने चुनाव आयोग को घेरा

सीएम देवेंद्र फडणवीस ने आगे कहा कि महाराष्ट्र स्थानीय निकाय चुनाव में ऐसा पहले कभी नही हुआ. पता नहीं चुनाव आयोग कौन सा कानून लगा रहा है. आखिर किससे चुनाव आयोग सलाह ले रहा है इसकी मुझे जानकारी नहीं मिल पाई है. उन्होंने कहा कि मेरी कानून की जो जानकारी है और जो मैने वकीलों से बात की है उससे पता चला है कि एक व्यक्ति अगर कोर्ट गया है तो चुनाव टाला नही जा सकता है. हां उस पर सुनवाई की जा सकती है.

क्या है पूरा मामला?

स्टेट इलेक्शन कमीशन (SEC) ने महाराष्ट्र के कई इलाकों में चल रहे नगर निगम चुनाव प्रोसेस को रोक दिया है, और वोटिंग की तारीख 2 दिसंबर से बढ़ाकर 20 दिसंबर कर दी है. इस अचानक उठाए कदम से उम्मीदवार और राजनीतिक पार्टियां हैरान हैं. SEC के निर्देश के मुताबिक, यह रोक ठाणे (अंबरनाथ), बारामती, अमरावती, अहिल्यानगर, नांदेड़, सोलापुर, यवतमाल, धाराशिव, चंद्रपुर, अकोला और पुणे समेत करीब बीस जिलों की नगर परिषदों और नगर पंचायतों पर लागू हैं.

क्या है देरी का कारण?

स्टेट इलेक्शन कमीशन (SEC) के मुताबिक, यह फैसला उन उम्मीदवारों की अपील से जुड़ी बड़े पैमाने पर प्रक्रिया में हुई गलतियों की वजह से लिया गया है जिनके नॉमिनेशन पेपर रिजेक्ट हो गए थे. महाराष्ट्र म्युनिसिपल इलेक्शन रूल्स, 1966 के तहत, ऐसी सभी अपीलों का निपटारा 22 नवंबर तक हो जाना चाहिए, जिससे कैंडिडेट्स को नाम वापस लेने के लिए तीन दिन का समय मिल सके, जिसके बाद सिंबल बांटे जाएंगे.

SEC ने कहा कि इन वार्डों में चुनाव प्रक्रिया में जरूरी प्रक्रिया का उल्लंघन हुआ था. 29 नवंबर के अपने ऑर्डर में, कमीशन ने निर्देश दिया कि जहां भी ऐसी गड़बड़ियां पाई गईं, उन्हें तुरंत रोक दिया जाए. सिर्फ खास वार्ड या जहां जरूरी हो, प्रेसिडेंट के पद सहित पूरी म्युनिसिपल बॉडी अपडेटेड शेड्यूल को फॉलो करेगी.कमीशन ने साफ गाइडलाइंस के बावजूद तय नियमों को नजरअंदाज करने के लिए इलेक्शन अधिकारियों की भी खिंचाई की.

बदली हुई इलेक्शन टाइमलाइन

स्टेट इलेक्शन कमीशन (SEC) के मुताबिक, उम्मीदवारों के पास अब 10 दिसंबर तक नाम वापस लेने का समय होगा. चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की फाइनल लिस्ट और सिंबल अलॉटमेंट 11 दिसंबर को पूरा हो जाएगा. वोटिंग 20 दिसंबर को सुबह 7:30 बजे से शाम 5:30 बजे के बीच होगी, और काउंटिंग 21 दिसंबर को होगी. ऑफिशियल रिजल्ट 23 दिसंबर तक सरकारी गैजेट में नोटिफाई कर दिए जाएंगे.

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