Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
झीरम घाटी पर विजय शर्मा: "शहीद कांग्रेस नेताओं को जवान दे रहे सच्ची श्रद्धांजलि", डिप्टी सीएम के बया... बड़ी पहल: सरकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाने के लिए लगी प्रदर्शनी, 'उन्नति की ओर एक पहल' में उमड़ी भ... इटारसी में हिट एंड रन: 8 साल की बच्ची को टक्कर मारकर भागी तेज रफ्तार कार, अस्पताल में जिंदगी की जंग ... सुरों की महफिल: बैजू बावरा महोत्सव में गूंजा ध्रुपद संगीत, ऋत्विक सान्याल की जादुई प्रस्तुति ने मोह ... उज्जैन में बवाल: होटल में युवती के साथ पकड़ा गया युवक, लोगों ने की जमकर पिटाई, मोबाइल चेक किया तो उड़ ... हैरान करने वाली रिपोर्ट: जिस राज्य में 'आनंद विभाग' है, वहां हर दिन 42 लोग क्यों चुन रहे हैं मौत? जा... अजब-गजब चोरी: नीमच के 'लाडले' ने बाप की ही कार और ट्रैक्टर पर साफ किया हाथ, दोस्तों के साथ मिलकर रची... Cyber Fraud: एक छोटी सी गलती और बैंक अकाउंट साफ! ऑनलाइन बांसुरी मंगाना रिटायर्ड शिक्षक को पड़ा भारी,... लाखों में कमाई! 3 मास्टर्स डिग्री वाले युवक ने शहर छोड़ जंगल में शुरू की हाईटेक फार्मिंग, जानिए कैसे... MP विधानसभा में भारी हंगामा: कैलाश विजयवर्गीय और उमंग सिंघार में तू-तू मैं-मैं, 'औकात' तक पहुंची बात...

हिसार में हत्या प्रयास में मां-बेटी को 3 साल कैद, 500 रुपए जुर्माना भी लगाया

2

हिसार : हिसार जिले के गांव संडोल की रहने वाली मां-बेटी को हत्या प्रयास के मामले में 3 साल की कैद हो गई है। यह फैसला हिसार की एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज अनुदीप कौर भट्‌टी की अदालत ने सुनाया। कोर्ट ने मां-बेटी पर 500 रुपए का अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं भरने पर एक महीने की अतिरिक्त कैद काटनी पड़ेगी।

दरअसल बता दें कि 2020 में अग्रोहा में लड़ाई झगड़े के दौरान गांव संडोल के जसवंत की मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने सुनील, प्रदीप, मोनी देवी, सुनीता और निर्मला पर बीएनएस की धारा 147, 149 और 302 के तहत केस दर्ज किया था। मगर बाद में कोर्ट में 302 का मामला 307 में कंवर्ट हो गया। कोर्ट ने माना यह हत्या जानबूझकर नहीं की गई। लड़ाई झगड़े के दौरान जसवंत की मौत हुई थी। इस मामले की सुनवाई 4 साल, 9 महीने और 14 दिन चली।

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि किसी भी अपराधी को पूरी तरह से समाप्त करने वाला या पूरी तरह से सुधारने वाला नहीं मानना चाहिए। सजा सुनाते समय अपराधी की उम्र, पिछला रिकॉर्ड, सुधार की संभावना अपराध की परिस्थितियां माऔर यने रखती हैं। अदालत ने माना कि दोषियों ने अपने कार्य के परिणामों का पूरा ज्ञान होने के बावजूद अपराध किया, लेकिन उनकी जीवन की कठिनाइयों और उम्र को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.