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पीएम फसल बीमा योजना में सेंधमारी, कृषि विस्तार अधिकारी ने की लाखों रुपए की धोखाधड़ी

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जगदलपुर: छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के किसानों के साथ धोखाधड़ी की गई. सरकारी संरक्षण में एक कृषि विस्तार अधिकारी ने अपने दो निजी साथियों के साथ मिलकर सेंधमारी कर दी. 22 लाख 53 हजार रुपये की सरकारी सहायता राशि फर्जी हस्ताक्षर और गुमराह करते हुए किसानों से ली गई है.

अब FIR दर्ज: किसानों की लिखित शिकायत पर इस मामले की विभागीय जांच की गई. जांच में ये शिकायत सही भी निकली. दोषी पाए जाने के बाद बास्तानार ब्लॉक के कृषि विस्तार अधिकारी समेत 2 लोगों पर FIR की गई है. मुख्य आरोपी कोई और नहीं, बल्कि ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी मुन्ना लाल बघेल है.

बुरगुम थाने में BNS की धारा 318(4) के तहत तीनों ही आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. इस मामले में गबन की गई कुल राशि 22 लाख 53 हजार रूपए है. इस मामले पर जांच जारी है. जल्द आगे की कार्रवाई होगी– ​बस्तर ASP माहेश्वर नाग

इस तरह की धोखाधड़ी: आरोपी मुन्ना लाल ने 2 साथी गिरीश चन्द सेठिया और अनिल सेठिया के साथ मिलकर इस जालसाजी के चक्रव्यूह को रचा. इन तीनों ने किसानों और कृषि लीज में जमीन लेने वाले किरायेदारों से धोखा किया. उन्होंने खबर नहीं होने दी कि उनके नाम पर लाखों रुपए का क्लेम पास हो चुका है. आरोपियों ने उनके नकली हस्ताक्षर कर दिए.

इन्हीं फर्जी दस्तावेजों को सीएससी सेंटर के माध्यम से एक निजी इंश्योरेंस कंपनी को भेजा गया और क्लेम पास करा लिया गया. नवंबर महीने में जब 22 लाख 53 हजार से अधिक की राशि किसानों के खाते में आई तो आरोपियों ने उन्हें गुमराह किया और डरा धमकाकर पूरी राशि कैश और ऑनलाइन माध्यम से ट्रांसफर कर ली.

फिलहाल जांच जारी है लेकिन थाने में दर्ज FIR ने बस्तर जिले में कृषि विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.

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