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पंजाब सरकार के इस फैसले से रियल एस्टेट सेक्टर में हड़कंप, 15 दिसम्बर तक Report करें तैयार

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जालंधर: पंजाब के हाऊसिंग एंड अर्बन डिवैल्पमैंट विभाग द्वारा राज्य में कमर्शियल प्रोजैक्ट्स, ग्रुप हाऊसिंग और रिहायशी कालोनियों को मंजूरी देने के लिए ई.डी.सी, सी.एल.यू. और अन्य चार्जिस बढ़ाने का फैसला, जो जून 2025 में लिया गया था, अब नगर निगम क्षेत्रों में भी लागू कर दिया गया है। इससे शहरी इलाकों में इन चार्जों में कई गुना बढ़ौतरी हो जाएगी। पंजाब सरकार के इस निर्णय से रियल एस्टेट सैक्टर और प्रॉपर्टी मार्कीट में हड़कंप मच गया है।

इस संबंध में लोकल बॉडी विभाग के डायरैक्टर ने सभी नगर निगम कमिश्नरों और संबंधित अधिकारियों को पत्र जारी कर तुरंत अमल करने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि जून, 2025 में पंजाब कैबिनेट ने इन चार्जिस को संशोधित करने का फैसला किया था, जिसे लागू करने के लिए प्रिंसीपल सैक्रेटरी ने 16 जुलाई को भी अलग से सर्कुलर जारी किया था। नगर निगम क्षेत्रों में अब तक नए प्रोजैक्ट मंजूर करवाने के लिए 2017 की पॉलिसी के अनुसार ही सी.एल.यू. और अन्य चार्ज लिए जा रहे थे लेकिन अब पंजाब सरकार ने यह सभी बढ़े हुए चार्जिस तुरंत प्रभाव से लागू करने के आदेश जारी कर दिए हैं। ध्यान देने योग्य है कि पुडा और डिवैल्पमैंट अथॉरिटी के क्षेत्रों में यह आदेश पहले से ही लागू हैं।

पिछले 6 महीनों में पास हुए प्रोजैक्टों से भी बकाया की वसूली होगी
सरकार द्वारा 24 नवम्बर को जारी पत्र में बढ़े हुए चार्जिस तुरंत लागू करने के साथ-साथ यह भी निर्देश दिए गए हैं कि 4 जून, 2025 के बाद पास किए गए प्रोजैक्टों से भी नए रेट के हिसाब से बकाया सी.एल.यू और डिवैल्पमैंट चार्जिस की वसूली की जाए। नगर निगम कमिश्नरों को 15 दिसम्बर, 2025 तक एक्शन टेकन रिपोर्ट भेजने और पिछले 6 महीनों में पास हुए केसों की सूची तैयार कर संबंधित लोगों को डिमांड नोटिस जारी करने के आदेश दिए गए हैं।

इन श्रेणियों पर नहीं लगेगा सी.एल.यू
सरकार द्वारा अलग-अलग कैटेगरी के लिए प्रति एकड़ के हिसाब से सी.एल.यू और डिवैल्पमेंट चार्जिस तय किए गए हैं लेकिन इन कैटेगरीज पर सी.एल.यू. चार्जिस नहीं लगेंगे :
– हॉस्पिटल
– होटल
– मल्टी मीडिया सैंटर
– इंस्टीच्यूट
– इंडस्ट्रीयल यूनिट
– गोदाम
– वेयरहाऊस
– कोल्ड स्टोरज

हर साल 10 फीसदी की बढ़ौतरी भी लागू
शहरी क्षेत्रों में लागू किए गए इन बढ़े हुए सी.एल.यू., लाइसैंस फीस, डिवैल्पमैंट चार्जिस में हर साल 10 फीसदी का इजाफा भी किया जाएगा। इसके अलावा सभी चार्जिस पर 5 फीसदी सोशल इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड भी अलग से देना होगा। रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि यह अतिरिक्त बोझ बाद में आम जनता पर डाला जाएगा, जिससे प्रॉपर्टी की कीमतें और बढ़ सकती हैं।

अवैध निर्माण बढ़ेगा : सुनील कत्याल
जालंधर इंजीनियरिंग एंड बिल्डिंग डिजाइनर एसोसिएशन के प्रधान सुनील कत्याल ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा सी.एल.यू, ई.डी.सी. और अन्य फीसों में भारी-भरकम बढ़ौतरी करने का फैसला प्रॉपर्टी सैक्टर के लिए बेहद घातक है। उन्होंने कहा कि लोग सरकार से राहत की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन शहरी क्षेत्र में अचानक ये फीसें कई-कई गुना बढ़ाकर जनता पर बड़ा बोझ डाल दिया गया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इससे अवैध निर्माण में बढ़ौतरी होगी, क्योंकि लोग ज्यादा फीस से बचने के लिए रिश्वत देकर अवैध तरीके से निर्माण करवाने की ओर झुक सकते हैं। सुनील कत्याल ने मांग की कि पंजाब सरकार इस फैसले को तुरंत वापस ले और प्रॉपर्टी सैक्टर के लिए राहत की घोषणा करे। उन्होंने यह भी कहा कि पुराने केसों से बढ़ी हुई फीस वसूलना बिल्कुल तर्कसंगत नहीं है।

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