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शराब के शौकीन हो जाएं सावधान, जालंधर, लुधियाना, अमृतसर सहित इन शहरों में बढ़ रहा खतरा

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जालंधर: पंजाब के कई शहरों विशेषकर जालंधर और आस-पास के कस्बों में अवैध और नकली शराब का धंधा तेजी से फैल रहा है। बड़े-बड़े ब्रांडों के नाम पर मिलावटी और घटिया शराब खुलेआम बेची जा रही है, जिससे न सिर्फ लोगों की सेहत को गंभीर खतरा पैदा हो रहा है बल्कि सरकार को करोड़ों रुपए के राजस्व घाटे का सामना भी करना पड़ रहा है।

जानकारी के अनुसार जालंधर, लुधियाना, अमृतसर, पठानकोट, बठिंडा और इनके आस-पास के कस्बों में नकली शराब का नैटवर्क सक्रिय है। यह गिरोह नामी कंपनियों की खाली बोतलों में सस्ती स्पिरिट और कैमिकल मिलाकर नए लेबल चिपकाकर महंगे ब्रांड के नाम पर बाजार में सप्लाई कर रहा है। कई मामलों में बोतलों पर बार-कोड भी नकली पाए गए हैं, जिन्हें स्कैन करने पर असली कंपनी की जानकारी प्रदर्शित नहीं होती। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ दुकानों पर आधिकारिक ठेकों की आड़ में भी नकली शराब बेची जा रही है। पब, बार और ढाबों में भी मिलावटी शराब की सप्लाई का संदेह जताया जा रहा है। पहले भी इस तरह की शराब पीने से कई लोगों की मौत और दर्जनों के बीमार होने के मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ छोटे पैमाने पर छापेमारी करके खानापूर्ति कर दी जाती है।

एक्साइज विभाग के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि नकली शराब के बढ़ रहे मामले विभाग के ध्यान में आ रहे हैं। विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश भी दिया है कि वे बारों, रैस्टोरैंटों और शराब की दुकानों पर विशेष चैकिंग अभियान चलाएं और बिना बिल, बिना एक्साइज होलोग्राम या संदिग्ध पैकिंग वाले स्टॉक को तुरंत जब्त करें। इधर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि संदिग्ध और अनधिकृत व्यक्ति से सस्ती शराब खरीदने से बचें और किसी भी तरह की गड़बड़ी दिखने पर तुरंत पुलिस या एक्साइज विभाग को सूचना दें। आम जनता का कहना है कि जब तक बड़े सप्लायरों और उनको राजनीतिक संरक्षण देने वाले गठजोड़ पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक नकली शराब का यह कारोबार नहीं रुकेगा। लोगों ने सरकार से इस मुद्दे पर सख्त और प्रभावी कदम उठाने की मांग की है ताकि पंजाब के शहर नकली शराब के जाल से बाहर आ सकें।

अचानक बढ़ रही युवाओं की मृत्यु दर चिंताजनक
जिले के अस्पतालों के आंकड़ों के अनुसार पिछले कुछ समय से 30 से 45 वर्ष तक की उम्र वाले युवाओं की अचानक मौतों के मामले तेजी से बढ़े हैं। डाक्टरों का कहना है कि नकली शराब में मौजूद मेथनॉल और जहरीले कैमिकल सैकेंड्स में नर्वस सिस्टम को नुकसान पहुंचाते हैं और अक्सर मरीजों को बचाने का मौका भी नहीं मिलता। कई मामलों में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर में जहरीले पदार्थों की अधिक मात्रा पाई गई है। जालंधर, लुधियाना और अमृतसर के अस्पतालों में पिछले कुछ महीनों में लिवर डैमेज, फैटी लिवर और पीलिया (जॉन्डिस) के मामलों में भारी वृद्धि दर्ज की गई है। डाक्टरों का मानना है कि मिलावटी शराब में मिलाए गए रासायनिक तत्व सीधे लिवर को नुकसान पहुंचाते हैं।

डाक्टरों के अनुसार कई युवा सीने में दर्द, सांस फूलने और दिल की धड़कन तेज होने की शिकायत के साथ अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। कई मामलों में यह पाया गया है कि नकली शराब के सेवन से शरीर में विषैले पदार्थ जमा हो जाते हैं, जिससे अचानक हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। हैल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि डुप्लीकेट शराब में मौजूद मेथनॉल अंधेपन, कोमा, लकवे और मौत तक का कारण बन सकता है। कुल मिलाकर अवैध शराब के कारण बढ़ती मौतें अब पूरे पंजाब के लिए खतरे की घंटी बन गई है।

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