सरगुजा: पंडो नगर को देश के पहले राष्ट्रपति ने बसाया था, लेकिन उनके बाद इस गांव और गांव के लोगों को सभी भूल चुके थे, लेकिन एक बार फिर इस गांव में रंगत आ गई है. 20 नवंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के सरगुजा दौरे के बाद गांव की तस्वीर बदल गई है.
पूर्व राज्यपाल ने वीडियो कॉल पर की बसंत पंडो से बात: गांव की आबादी पंडो समाज की है. इस समय वे सभी खुश हैं और देश के दूसरे राष्ट्रपति भवन में भी रौनक आ चुकी है. प्रशासन ने इसका रंग रोगन करा दिया है और यहां झालर व लाइट लगा दी है. ETV भारत जब बसंत पंडो के घर पहुंचा तो प्रदेश की पूर्व राज्यपाल अनुसुइया उइके वीडियो कॉल पर उनसे बात कर रही था.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी बसंत पंडो से मिली: ये सब तब हुआ जब बसंत पंडो की कहानी देश और दुनिया के सामने आई. सरगुजा दौरे के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बसंत पंडो से मुलाकात की. फिर क्या था इस गांव की रौनक बढ़ गई. राष्ट्रपति भवन में रील और वीडियो बनाने वालो की भीड़ लगी हुई है. नेताओं का भी आना जाना शुरू हो चुका है और भवन की रंगत बदल दी गई है.
पूर्व राज्यपाल ने वीडियो कॉल से बसंत पंडो से बात की और उनका हाल चाल जाना. राष्ट्रपति से मुलाकात करने पर बसंत पंडो को बधाई दी- उदय पंडो, प्रदेश अध्यक्ष, पंडो समाज
पूर्व राज्यपाल अनुसुइया उइको को मैंने गांव बुलाया है, उन्होंने गांव आने की बात कही है- बसंत पंडो
गांव के लोगों ने बताया कि प्रदेश की पूर्व राज्यापल अनुसुइया उइके भी बसंत पंडो से मिली थीं और उनको सम्मान सहित एक शॉल भेंट किया था. वो हमेशा पंडो समाज की चिंता करती हैं और फोन पर भी हाल चाल लेती रहती है. शुक्रवार को भी वीडियो काल पर बसंत पंडो से बात की और उनका हालचाल जाना. पूर्व राज्यपाल से बात करते हुए बसंत ने कहा कि वे लोग हर वर्ष उनका जन्म दिन मानते हैं. जिस पर अनुसुइया उइके ने कहा कि उनको इस बात की जानकरी है. अंतिम में बसंत ने उनसे एक बार फिर उनके गांव आने का निवेदन किया.
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