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कोपरा जलाशय को मिलेगा रामसर स्थल का दर्जा

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रायपुर: बिलासपुर जिले में स्थित कोपरा जलाशय को राज्य सरकार ने प्रस्तावित रामसर स्थल घोषित करने की दिशा में बड़ी पहल की है. प्राकृतिक और मानव निर्मित विशेषताओं से युक्त यह जलाशय पूरे क्षेत्र के लिए जलसंसाधन, सिंचाई और जैव विविधता का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है.

कोपरा जलाशय के रामसर स्थल बनने से क्षेत्र को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी. कोपरा जलाशय मुख्य रूप से वर्षा जल और आसपास के छोटे नालों से भरता है. यह जलाशय स्थानीय ग्रामीणों की जल आवश्यकताओं को पूरा करता है और किसानों के लिए सिंचाई का प्रमुख स्रोत है. जलाशय के आसपास की भूमि अत्यंत उपजाऊ मानी जाती है, जिससे क्षेत्र के कई गांवों और छोटे कस्बों की कृषि पूरी तरह इस जलाशय पर निर्भर है.

जैव विविधता अत्यधिक समृद्ध: यह क्षेत्र वर्षभर विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों, जलचर जीवों और वनस्पतियों का सुरक्षित आवास बना रहता है. खासकर प्रवासी पक्षियों की बड़ी संख्या हर साल यहां दर्ज की जाती है. जलाशय में मछलियां, जलीय पौधे, उभयचर, सरीसृप और अनेक प्रकार के कीट-पतंगे बड़ी मात्रा में पाए जाते हैं, जिससे इसकी जैव विविधता अत्यधिक समृद्ध मानी जाती है.

दुर्लभ पक्षियों के संरक्षण के लिए उपयुक्त स्थल: राज्य वेटलैंड प्राधिकरण के अनुसार कोपरा जलाशय रिवर टर्न, कॉमन पोचार्ड और इजिप्शियन वल्चर जैसे दुर्लभ व महत्वपूर्ण पक्षियों के संरक्षण के लिए अत्यंत उपयुक्त जगह है. विशेषज्ञों के मुताबिक यह जलाशय रामसर मानदंड संख्या 02, 03 और 05 के पूर्ण करता है, जो इसे एक उत्कृष्ट वेटलैंड इकोसिस्टम का उदाहरण साबित करता है.

इसी महत्व को देखते हुए राज्य सरकार ने इसे रामसर स्थल घोषित करने के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजा है. यदि इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिलती है, तो कोपरा जलाशय को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संरक्षण मिलेगा और इसका वैज्ञानिक, पर्यावरणीय और पर्यटन संबंधी महत्व और बढ़ जाएगा.

ग्रामीण आजीविका के विकास को मजबूत करने की तैयारी: सरकारी योजनाओं के तहत इस क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और ग्रामीण आजीविका विकास से जुड़ी गतिविधियों को और मजबूत करने की तैयारी है, ताकि स्थानीय आबादी और प्राकृतिक संसाधनों के बीच संतुलन बनाए रखा जा सके.

वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने उम्मीद जताई है कि कोपरा जलाशय के रामसर स्थल बनने से क्षेत्र को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी.

रामसर स्थल क्या है: रामसर स्थल एक आद्रभूमि (वेटलैंड) है. इसे अंतरराष्ट्रीय महत्व के लिए जाना जाता है. यह रामसर कन्वेंशन (Wetlands Convention) के तहत संरक्षित है. 1971 में ईरान के रामसर शहर में वेटलैंड्स कन्वेंशन पर हस्ताक्षर किए गए थे. जिसका उद्देश्य दुनिया भर में आर्द्रभूमियों का संरक्षण करना और उनके प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करना है. इस वजह से इसका नाम रामसर साइट पड़ा.

वेटलैंड क्या है: वेटलैंड का अर्थ दलदल, फेन, पीटलैंड या पानी का क्षेत्र है. इसमें कृत्रिम, स्थायी या अस्थायी, स्थिर या बहने वाले पानी के साथ, ताजा या समुद्री पानी के क्षेत्र भी शामिल है. वेटलैंड भू-जल पुनर्भरण / संरक्षण, जैव विविधता, जलवायु परिवर्तन और खाद्य नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. वेटलैंड घरेलू और प्रवासी पक्षियों के लिए महत्वपूर्ण निवास स्थान हैं. वेटलैंड आसपास के निवासियों की आजीविका की जरूरतों को भी पूरा करते हैं. वेटलैंड पारिस्थितिकीय और पर्यावरण संतुलन में एक महत्वपूर्ण योगदान देते हैं. ये आर्द्रभूमि विविध प्रकार के वानस्पतिक और जैवविविधता के पोषक एवं संरक्षक भी हैं.

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